बिजली की अधिकतम मांग 13,800 मेगावाट से अधिक, आपूर्ति सुनिश्चित

विशेष संवाददाता
भोपाल,1 जनवरी। राज्य के बिजली सेक्टर के लिए नए साल का प्रथम दिन गौरवपूर्ण रहा। सुबह 9.19 बजे बिजली की मांग 13 हजार 800 मेगावाट के ऊपर पहुंच गई, जिसकी सफलतापूर्वक सप्लाई हुई। प्रदेश में कहीं कोई व्यवधान नहीं हुआ। रबी सीजन में दिसंबर में 25 दिन बिजली की मांग 13 हजार मेगावाट से ऊपर दर्ज हुई। इस दौरान प्रदेश में 27 दिसंबर को सर्वाधिक बिजली की मांग 13 हजार 778 मेगावाट दर्ज हुई। सफलतापूर्वक इसकी सप्लाई की गई।
एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक संजय कुमार शुक्ल ने बताया कि प्रदेश में इस दौरान (एक माह में) पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में बिजली की अधिकतम मांग में 1,538 मेगावाट की वृद्धि हुई है। वहीं इस दौरान प्रदेश में 6,278 लाख यूनिट बिजली की सप्लाई पूर्व की तुलना में अधिक की गई है। प्रदेश में पिछले वर्ष की तुलना में बिजली की मांग में वृद्धिहोने का मुख्य कारण कृषि क्षेत्र में 10 घंटे सतत् व गुणवत्तापूर्ण बिजली की सप्लाई है। पूर्व वर्षों की तुलना में कृषि क्षेत्र में वृद्धि के साथ ही सिंचित क्षेत्र भी बढ़ा है। बिजली सेक्टर के सुदृढ़ नेटवर्क और बेहतर प्रबंधन के कारण आज बिजली कंपनियां राज्य में बिजली की हर अधिकतम मांग की आपूर्ति सफलतापूर्वक कर रही हैं।
दिसम्बर में बढ़ी बिजली की मांग
रबी सीजन में दिसंबर माह में बिजली की अधिकतम मांग 2 दिसंबर को 13 हजार 21 मेगावाट, 3 दिसंबर को 13 हजार 209 मेगावाट, 4 दिसंबर को 13 हजार 430 मेगावाट, 8 दिसंबर को 13 हजार 474 मेगावाट, 24 दिसंबर को 13 हजार 640 मेगावाट, 25 दिसंबर को 13 हजार 642 मेगावाट, 26 दिसंबर को 13 हजार 740 एवं 27 दिसंबर को 13 हजार 778 मेगावाट बिजली की अधिकतम मांग दर्ज हुई।
प्रदेश में दिसंबर में 77,165 लाख यूनिट बिजली की सप्लाई प्रदेश में की गई, जबकि पिछले वर्ष दिसंबर 2017 में 70,887 लाख यूनिट बिजली की सप्लाई की गई। चालू वित्तीय वर्ष के दिसंबर में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 6,278 लाख यूनिट अधिक बिजली की सप्लाई की गई।
पश्चिम क्षेत्र में पहली बार बिजली की मांग 5 हजार 454 मेगावाट दर्ज
मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (इंदौर व उज्जैन) में रबी सीजन में दिसंबर में अधिकतम 5 हजार 454 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज हुई है। वहीं प्रदेश के मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (भोपाल, ग्वालियर) में 4 हजार 736 मेगावाट एवं पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (जबलपुर, सागर, रीवा) में भी 3 हजार 797 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज हुई है। तीनों विद्युत वितरण कंपनियों में पहले की तुलना में बिजली की मांग में निरंतर वृद्धि दर्ज हुई।