मध्यप्रदेश में जनता का सुरक्षा कवच बनीं डायल-100 सेवा

61 लाख स्थानों पर पहुंचकर पीडि़तों की मदद, 2.44 लाख महिलाओं को आपातकालीन मदद पहुंचायी
विशेष संवाददाता
भोपाल,1 जनवरी। डायल-100 मध्यप्रदेश शासन की एक अत्यंत महत्वपूर्ण अभिनव पुलिस आपातकालीन रेस्पांस सेवा योजना है। यह कहना अतिश्योक्ति न होगा कि पुलिस के गठन के पश्चात डायल-100 सेवा पुलिसिंग का सबसे क्रांतिकारी कदम है। इससे न सिर्फ पुलिस की दक्षता में वृद्धि हुई है बल्कि जनता को बेहतर पुलिस सेवा मिल रही है। इससे लोकतंत्र मजबूत हुआ है। इस सेवा से मध्यप्रदेश पुलिस की देश भर में लोकप्रियता में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। डायल-100 सेवा के 1000 एफआरव्ही वाहन तथा 150 एफआरव्ही मोटरबाईक्स प्रदेश भर में 24 घण्टे तैनात हैं।
1 नवम्बर 2015 से मध्यप्रदेश पुलिस की इस इस महत्वाकांक्षी ‘डायल-100Ó सेवा का शुभारम्भ किया गया। तब से लेकर अभी तक विभिन्न प्रकार की सूचनाओं पर डायल-100 वाहन व्दारा 61 लाख स्थानों पर पहुँचकर पीडि़तों को मदद पहुँचाई है। डायल 100 सेवा से प्रदेश में मारपीट, छेड़़छाड़, चोरी, लूट इत्यादि अपराधों में कमी आयी है। डायल 100 वाहन प्रतिमाह लगभग 30 लाख किमी गश्त भी दिन एवं रात्रि में करती है । दिन की गश्त प्राय: बालिका विद्यालयों, सुनसान गलियों, भीड़ भरे बाजारों, बैंकों आदि के आसपास की जाती है एवं रात्रिगश्त के दौरान राजमार्गों पर भी गश्त की जाती है। जिससे राजमार्गों पर लूट, ट्रक लूटने की घटनाओं में कमी आई है। डायल 100 योजना लागू होने के बाद अपराधों में 17 प्रतिशत तक की कमी आई है।

वर्ष 2018 में डायल-100 द्वारा 21.84 लाख पीडि़तों को पहुँचाई पुलिस सहायता
1.2018 में 21.84 लाख पीडि़तों एवं जरूरतमंदों को पुलिस सहायता प्रदान की गई है। अभी तक 61 लाख से भी अधिक लोगों को मदद पहुँचाई गई।
2. 2018 में 180 डायल 100 द्वारा नवजात शिशुओं को बचाया गया है अभी तक कुल 517 परित्यक्त शिशुओं को अस्पताल पहुंचाया गया । 2018 में डायल 100 द्वारा 4081 गुम बच्चों को उनके माता-पिता / पालकों के पास पहुंचाया गया है। सेवा प्रारम्भ होने से लेकर अभी तक 8368 भटके बच्चों को अभिभावकों तक पहुंचाया गया है।
3. 2018 में 127129 स्थानों पर डायल-100 वाहन ने दुर्घटनास्थलों पर पहुँचकर संकटग्रस्त लोगों की मदद की तथा सड़क दुर्घटना स्थलों पर पहुंचकर डायल 100 द्वारा घायलों को अस्पताल पहुचाया गया तथा सैकड़ों प्रकरणों में इस कारण होने वाली कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित नहीं होने दी। सेवा प्रारम्भ होने से लेकर अभी तक 389634 दुर्घटना में घायलों की मदद की गई है।
4. 2018 में 21472 डायल 100 व्दारा अवसादग्रस्त महिला एवं पुरूषों को आत्महत्या से रोका गया अब तक लगभग 25 हजार लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर व काउंसिलिंग कर उनका जीवन बचाया गय। तथा हजारों वरिष्ठ नागरिकों को सहायता पहुंचायी गई। सेवा प्रारम्भ होने से लेकर अभी तक कुल 48985 वरिष्ठ नागरिकों की मदद की जा चुकी है।
5. डायल 100 सेवा ने महिलाओं व बालिकाओं का सशक्तिकरण किया है। 2018 में 2.44 लाख महिलाओं को आपातकालीन मदद भी पहुंचायी गई है। अभी तक 6.69 लाख महिलाओं की मदद की गई है।
( नोट :- उक्त आँकड़े कॉलर व्दारा दी गई जानकारी के अनुसार डायल-100 में प्राप्त सूचनाओं के है । अपराधों के वास्तविक आंकड़ें भिन्न हो सकते हैं )