ब्रह्माकुमारीज की मुख्य प्रशासिका दादी जानकी 9 को भोपाल आएंगी

3 दिवसीय प्रवास पर रहकर प्रदेश के हजारों ब्रह्माकुमार, ब्रह्माकुमारी करेंगी सम्मान


विशेष संवाददाता
भोपाल,1 जनवरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय मुख्य प्रशासिका दादी जानकी अगले महीने 9 से 11 जनवरी 2019 तक तीन दिवसीय भोपाल प्रवास पर आ रही हैं। दादी के प्रथम भोपाल आगमन पर मप्र के ब्रह्माकुमारीज के सदस्यों में हर्ष का माहौल है। प्रदेश के हजारों ब्रह्माकुमार, ब्रह्माकुमारी दादी का सम्मान करेंगे। ब्रह्माकुमारीज गुलमोहर सेंटर भोपाल की संचालिका बी.के डॉ रीना बहन ने बताया कि दादी 9 जनवरी को भोपाल पहुचेंगी।
अगले दिन 10 जनवरी को नीलबड़ स्थित ब्रह्माकुमारीज सुख-शांति भवन का उदघाटन करेंगी। 11 जनवरी को अरेरा कॉलोनी स्थित राजयोग भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। डॉ रीना ने बताया कि दादी 103 वर्ष की आयु में ब्रह्माकुमारीज़ की अंतरराष्ट्रीय मुख्य प्रशासिका हैं, जिसके दुनिया के 137 से अधिक देशों में 4000 से अधिक सेवा केंद्र हैं। दादी की योग शक्ति एवं मानसिक अवस्था की सकारात्मकता के कारण उन्हें मोस्ट स्टेबल माइंड इन द वल्र्ड खिताब देकर सम्मानित किया जा चुका है। ब्रह्माकुमारीज महिलाओं द्वारा चलाई जाने वाली दुनिया में सबसे बड़ी आध्यात्मिक संस्था है। जो दुनिया भर में फैला हुआ एक ऐसा आध्यात्मिक संस्थान है जो व्यक्तिगत परिवर्तन और विश्व नवनिर्माण के लिए समर्पित है। सन 1937 में स्थापना के बाद ब्रह्माकुमारीज का इस समय सातों खण्डों के 10 देशों में विस्तार हो चुका है।
अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक क्षेत्रों में गैर सरकारी संस्थान के रूप में स्थापित हो चुका है। हालांकि उनकी वास्तविक प्रतिबद्धता व्यक्ति को अपने दृष्टिकोण में भौतिक से आध्यात्मिकता में परिवर्तन करने के लिए प्रेरित करना है। इससे शान्ति की गहरी सामूहिक चेतना और व्यक्तिगत गरिमा के निर्माण करने में हरेक आत्मा को मदद मिलती है। इस संस्था के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा ने माताओं और बहनों को शुरू से ही आगे रखने का फैसला लिया और इसी के कारण विश्व की अन्य सभी आध्यात्मिक और धार्मिक संस्थानों के बीच में ब्रह्माकुमारीज़ अपना अलग अस्तित्व बनाये हुए है।
पिछले 82 वर्षों से इनके नेतृत्व ने लगातार हिम्मत,क्षमा करने की क्षमता और एकता के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता को साबित किया है। दादी ने 115 देशों की यात्राएं कर वहां आध्यात्मिकता की अलख जगाई है और विश्व में 15000 आध्यात्मिक व्याख्यान एवं प्रवचन दिए हैं। दादी ने लगभग 10 लाख किलोमीटर की यात्रा कर अपने आध्यत्मिक पथ को आगे बढ़ाया। उन्हें 82 वर्षों के योग का गहन अनुभव है।