रविन्द्र चौबे की ऐतिहासिक पहल, चरणदास महंत चुने जाएंगे निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष

डॉ. रमन सिंह सहित विपक्ष दलों के विधायक भी बने प्रस्तावक

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास

रायपुर, 3 जनवरी। छत्तीसगढ़ के इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में यह लिखा जाएगा, जब शुक्रवार को चरण दास महंत निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाएंगे। इसका श्रेय छत्तीसगढ़ राज्य के संसदीय कार्य, विधि विधायी, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे को ही दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार रविन्द्र चौबे ने स्वयं आगे बढ़कर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी से बात, डॉ. रमन सिंह से बात कर और सभी दलों से बात करके सबको प्रस्तावक बनाया। ऐसा कभी नहीं हुआ कि विधान सभा अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध हो और कोई इतिहास बने लेकिन ऐसा एक ऐतिहासिक पल है जिसे विधान सभा के अंदर और बाहर हमेशा याद किया जाएगा और इसका श्रेय रविन्द्र चौबे को ही दिया जाएगा। चौबे साजा विधानसभा से सातवीं बार विधायक चुने गए हैं और वे छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। उन्हें संसदीय ज्ञान का लंबा अनुभव है। जमीन को दीपमाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्रणाली को पक्ष में लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड कर देने से राज्य सरकार को दो हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। अपने पत्र में सिंह ने कहा कि हाल में ही राज्य सरकार ने इस संबंध में गड़बडिय़ों को लेकर दायर की गई एक याचिका को लेकर जानकारी दी है कि जमीन को फ्री होल्ड करने संबंधी आदेश को राज्य सरकार ने वापस ले लिया है। उन्होंने कहा कि इससे ही प्रमाणित हो जाता है कि उनके द्वारा उठाई गई बातें सत्य हैं और इस समूचे मामले की जांच आवश्यक है। इसके पूर्व वे संगठन में युवक कांग्रेस अध्यक्ष से लेकर कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। उन्होंने पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से बी.एस.सी. एल.एल.बी. की डिग्री हासिल की है। वे छात्र संघ के अध्यक्ष रहे। वे अविभाजित मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में मंत्री भी रह चुके हैं। चरणदास महंत ने छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष का नामांकन आज सुबह दाखिल किया। कांग्रेस की तरफ से महंत को बतौर अध्यक्ष उम्मीदवार बनाया गया है। चरणदास महंत निर्विरोध चुने जायेंगे। खास बात ये है कि श्री महंत को सभी दलों ने सहयोग दिया है। भाजपा की ओर से डॉक्टर रमन सिंह प्रस्तावक बने। विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष नारायण चंदेल समर्थक बने। कांग्रेस के नामांकन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रस्तावक हैं तो समर्थन में मंत्री ताम्रध्वाज साहू। दूसरा प्रस्तावक संसदीय कार्यमंत्री ने रविन्द्र चौबे, समर्थन प्रेमसाय सिंह, तीसरा प्रस्ताव शिव डहरिया और समर्थन कवासी लखमा ने किया। इस प्रकार से पांच नामानंक जमा किया गया है।
शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष का विधिवत निर्वाचन हो जाएगा। प्रोटेम स्पीकर सदस्यों को सदस्यता दिलायेंगे। इसके बाद नामानंक को पटल में रखा जायेगा। निर्वाचन होने के बाद आंसदी में नव निर्वाचित अध्यक्ष विराजमान होंगे फिर विधानसभा की कार्यवाही शुरू होगी। इससे पहले बुधवार को ही संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे ने विपक्ष के सभी लोगों से समर्थन के लिए फोन किया था। इधर कांग्रेस के अलावा जोगी कांग्रेस गठबंधन को भी विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावक बनाया गया है। धर्मजीत सिंह और रेणु जोगी भी प्रस्तावक के तौर पर शामिल रहे। चरणदास महंत एक मंझे हुए राजनीतिज्ञ माने जाते हैं। उनका लंबा राजनीति अनुभव रहा है।सांसद के साथ-साथ वो केंद्रीय राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। लंबे समय बाद उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ा। सक्ती विधानसभा से वो विधायक चुनकर आए हैं।

यह एक अच्छी शुरुआत
विधानसभा अध्यक्ष के लिए डॉ. चरण दास महंत का प्रस्ताव सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष के भी कई नेता बने। विशेष रूप से पूर्व सीएम रमन सिंह ने महंत का प्रस्तावक बनकर एक अच्छी संसदीय परंपरा का निर्वहन किया है, विपक्ष के नेताओं के भी प्रस्तावक और समर्थक बनने पर सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि, यह अच्छी प्रक्रिया है, संसदीय नियमों के तहत निर्वाचन हो रहा है।

छग की पहचान को आगे ले जाऊंगा: डॉ. महंत
छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं सक्ती विधानसभा क्षेत्र से विधायक डा. चरणदास महंत ने कहा कि अध्यक्ष चुने जाने के बाद मैं छग की पहचान को आगे ले जाने का पूरा प्रयास करूंगा। नामांकन दाखिल करने के बाद डा. महंत ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष पद उन्होंने स्वयं हाईकमान से मांगा था। आज उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भी दाखिल कर दिया है। डा. महंत ने कहा कि अध्यक्ष पद उनके लिए चुनौती भरा होगा, लेकिन वे छग की पहचान को आगे ले जाने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा की परंपराओं में निखार लाने का प्रयास करूंगा। डा. महंत ने विपक्षी सदस्यों के विश्वास के लिए भी उनका आभार जताया। साथ ही कहा कि सदन में सबको बराबर संरक्षण मिलेगा। डा. महंत ने आज विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया। डा. महंत के नामांकन पत्र के प्रस्ताव एवं समर्थक सत्ता पक्ष के सदस्यों के अलावा विपक्ष भाजपा दल से रमन सिंह, नारायण चंदेल एवं जकांछ-बसपा गठबंधन से धर्मजीत सिंह एवं श्रीमती रेणु जोगी प्रस्ताव एवं समर्थक बने। विपक्षी दलों का समर्थन मिलने के बाद डा. महंत के निर्विरोध अध्यक्ष बनने का रास्ता भी साफ हो गया है।