डॉ. महंत छत्तीसगढ़ विधानसभा के निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित

महंत के संसदीय अनुभवों के चलते विधानसभा की परम्पराओं को और ऊंचे मुकाम पर पहुंचाएंगे: भूपेश बघेल

रायपुर, 4 जनवरी। सत्तारूढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक डॉ. चरणदास महंत आज निर्विरोध छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष चुन लिए गए।
विधानसभा अध्यक्ष के पद के लिए केवल डॉ. महंत ने ही नामांकन पत्र दाखिल किया था। आज उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने की प्रोटेम स्पीकर रामपुकार सिंह ने घोषणा की। इसके बाद डॉ. महंत को पत्र एवं विपक्ष के सदस्य अध्यक्ष के आसन तक ले गए। सदन की कार्यवाही शुरू होने पर प्रोटेम अध्यक्ष द्वारा सदस्यों को शपथ दिलाई गई, उसके बाद अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिकता पूरी की गई। डॉ. महंत ने छत्तीसगढ़ी में भाषण दिया और आसन ग्रहण करने के पूर्व अपने पिता का स्मरण किया। डॉ. महंत अविभाजित मध्यप्रदेश में मंत्री, विधायक एवं मंत्री रहे हैं। वह कई बार सांसद तथा केन्द्रीय मंत्री भी रहे हैं। लम्बे संसदीय अनुभव वाले डॉ. महंत एक सुलझे हुए राजनेता हैं और उनके विपक्षी दलों के नेताओं से भी काफी अच्छे सम्बन्ध रहे हैं। इसका जिक्र पक्ष-विपक्ष के सदस्यों ने उनके दायित्व संभालने के बाद अपने सम्बोधनों में भी किया। अध्यक्ष का दायित्व संभालने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी एवं डॉ. रमन सिंह, संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे, जनता कांग्रेस के सदस्य धर्मजीत सिंह ने इस मौके पर अपने सम्बोधन में डॉ. महंत के लम्बे संसदीय अनुभवों का जिक्र किया और उम्मीद जताई कि वह अपने संसदीय अनुभवों के चलते विधानसभा की परम्पराओं को और ऊंचे मुकाम पर ले जाने में सफल होंगे।

भूपेश ने छत्तीसगढ़ी तो अंबिका सिंहदेव ने अंग्रेजी में ली शपथ
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज नवनिर्वाचित सदस्यों ने शपथ ली। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ी में, जबकि बैकुंठपुर की विधायक अंबिका सिंहदेव ने अंग्रेजी में शपथ ली। नवगठित पांचवीं विधानसभा में सत्र के पहले दिन आज प्रोटेम स्पीकर रामपुकार सिंह ने कांग्रेस, जनता कांग्रेस एवं बसपा के सदस्यों को शपथ दिलवाई। सबसे पहले मुख्यनंमत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ी में शपथ ली। इसके बाद मंत्री डीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू, रविन्द्र चौबे ने शपथ ली। इसके बाद सदस्यों ने एक एक कर शपथ ली। प्रोटेम स्पीकर ने भाजपा के एक मात्र सदस्य पुन्नूलाल मोहिले को शपथ दिलवाई क्योंकि उस समय तक और कोई भाजपा सदस्य सदन में मौजूद नहीं था।