कर्ज माफी की याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज

भाजपा को झटका, राहुल गांधी, कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया की हुई जीत

प्रशासनिक संवाददाता

जबलपुर, 4 जनवरी। मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा किसानों की कर्ज माफ किये जाने के कदम के खिलाफ उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका को आज अदालत ने खारिज कर दिया। अर्थात भाजपा को झटका लगा है और कांगे्रस अध्यक्ष राहुल गांधी, मुख्यमंत्री कमल नाथ और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कांगे्रस के वचन पत्र में पहले बिंदु पर किसानों की कर्ज माफी पर मप्र हाई कोर्ट ने मुहर लगा ही। किसान कर्ज माफी पर पांच जनवरी को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक के बाद योजना का पूरा स्वरूप स्पष्ट हो जाएगा और मप्र के किसानों के खाते में 35,000 करोड़ की राशि ट्रांसफर हो जाएगी।
जबलपुर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एसके सेठ व न्यायमूर्ति वीके शुक्ला की युगलपीठ ने पाया कि याचिका पर सुनवाई के पूर्व ही कुछ अखबारों में इस संबंध में खबर प्रकाशित हो गई। याचिकाकर्ता ने प्रचार पाने के लिए ये याचिका दायर की है। युगलपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि राजनीति मुद्दे के निराकरण के लिए कोर्ट उपयुक्त फोरम नहीं है।
ये याचिका इलाहाबाद निवासी अधिवक्ता मोहित कुमार की तरफ से दायर की गयी थी। याचिका में कहा गया था कि कांग्रेस के किसानों के कर्जमाफी के कदम से प्रदेश सरकार पर 56 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय पड़ेगा। इसके अलावा देश व प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा। याचिका में इस प्रकार की घोषणा को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन बताते हुए रोक लगाने की मांग की गई थी। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के अहम चुनावी वादे से जुड़ी किसान कर्ज माफी योजना को लेकर भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का विस्तृत खाका जल्द स्पष्ट किया जाएगा। भाजपा नेता किसानों का कर्ज माफ करने के कांग्रेस के चुनावी वादे को छलावा बताते हुए आरोप लगा रहे थे कि कमलनाथ सरकार सूबे के सभी अन्नदाताओं को ऋण माफी योजना का लाभ नहीं देगी। कृषि मंत्री ने इस पर पलटवार करते हुए कहा, बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ किये जाने पर भाजपा के माथे पर शिकन तक नहीं आती। लेकिन हम जब किसानों का कर्ज माफ करने का वादा निभाने जा रहे हैं, तो भाजपा के पेट में दर्द हो रहा है और वह गंदी राजनीति कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि योजना के दायरे में आने वाले सभी किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश पर लगातार 15 वर्ष शासन करने वाली भाजपा की पूर्ववर्ती सरकारों की गलत नीतियों के कारण ही किसान कर्ज के बोझ तले दबे थे और उन्हें आत्महत्या के लिये मजबूर होना पड़ रहा था।