समाज के कमजोर वर्ग के प्रति रहें संवेदनशील: डीजीपी

राज्य स्तरीय दो दिवसीय सेमीनार का शुभारंभ

भोपाल, 4 जनवरी। समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता के विषय पर राज्य स्तरीय दो दिवसीय गरिमामय सेमीनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि मान. जस्टिस सुशील पालो, उप लोकायुक्त, म.प्र. एवं पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला ने पीटीआरआई जहांगीराबाद भोपाल में किया। इस अवसर पर अमनि पीटीआरआई, विजय कटारिया एवं विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी मान. मुख्यमंत्री अमनि (अजाक) श्रीमति प्रज्ञा ऋ चा श्रीवास्तव उपस्थित थीं।
जस्टिस पालो ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में प्रतिभागियों को अपराध कायमी से लेकर विवेचना, अभियोग पत्र दाखिल करने एवं न्यायालयीन कार्यवाही में होने वाली त्रुटियों के कारण अभियुक्तों को जो लाभ मिलता है, उस पर प्रकाश डालते हुए महत्वपूर्ण टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि प्रकरण की विवेचना निरीक्षक से नीचे स्तर के अधिकारियों को बिल्कुल नहीं करना चाहिए। जाति प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी (एस.डी.एम.) द्वारा ही जारी किया जाकर अभियोग पत्र में लगाना चाहिए। जप्ती साक्षी विश्वस्त हो तथा उनका न्यायालय में समय पर साक्ष्य होना आवश्यक है। फरियादियों के अधिकारों का भी हनन ना हो तथा उनका ट्रायल के दौरान संरक्षण होना चाहिए। साथ ही फरियादी को विधिक सहायता एवं नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदाय करना चाहिए। पुलिस महानिदेशक मप्र द्वारा अपने उद्बोधन में कहा कि पुलिस अधिकारियों को एससी/एसटी वर्ग के प्रति संवेदनशील होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। आवेदक को विवेचना एवं कार्यवाही की प्रगति से समय-समय पर जानकारी से अवगत कराते रहना चाहिए, ताकि उसे पुलिस एवं न्याय प्रणाली में विश्वास बना रहे। उन्होंने आयोजित सेमीनार के संबंध में कहा कि इस तरह के सेमीनार से कार्य में उत्तरोत्तर गुणात्मक सुधार होता है। अति. पुलिस महानिदेशक (अजाक) श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने कार्यशाला की आवश्यकता तथा इसकी रूपरेखा पर समुचित प्रकाश डाला।
उप महानिरीक्षक अजाक आईपी अरजरिया द्वारा सेमीनार में पधारे अतिथियो एवं मीडिया का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी फरीद बजमी के निर्देशन में सामाजिक कुरीतियों, प्रथाओं पर आधारित एक नुक्कड़ नाटक प्रदर्शित किया गया। द्वितीय सत्र में अजाक शाखा में पदस्थ विधि अधिकारी विजय बंसल द्वारा एससी/एसटी एक्ट के अपराधिक प्रकरणों की विवेचना के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा पारित विभिन्न महत्वपूर्ण न्याय दृष्टांतों की जानकारी प्रतिभागियों को दी। अमृत मीना, अति. पुलिस अधीक्षक जबलपुर द्वारा एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्रकरणों में साक्षी पक्ष विरोधी क्यों हो जाते हैं, पर एक सारगर्भित विश्लेषण प्रस्तुत किया गया।
सेमीनार में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आदर्श कटियार, अशोक अवस्थी, पुलिस महानिरीक्षक प्रशासन श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक भोपाल जयदीप प्रसाद, पुलिस उप महानिरीक्षक भोपाल धर्मेंद्र चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न जिलों से आए निरीक्षक से लेकर पुलिस अधीक्षक स्तर के लगभग 100 प्रतिभागी शामिल हुए।