शिवराज ने कहा- मैं नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में नहीं

राजनीतिक संवाददाता
भोपाल, 4 जनवरी। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कर दिया है कि वे नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में शामिल नहीं हैं। दो दिन बाद सभी के सामने नेता प्रतिपक्ष का नाम आ जाएगा। वे दिल्ली पार्टी की बैठकों में शामिल होने गए थे। यह बात शुक्रवार को शिवराज सिंह चौहान ने अपने निवास पर पत्रकारों के लिए आयोजित स्नेह भोज के दौरान कही। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। चौहान ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने 13 साल प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर जनता की सेवा की है और यह सिलसिला आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट तौर पर यह कहा कि वे सदन में नेता प्रतिपक्ष तय करना कोई बहुत बड़ा विषय नहीं है। हम जल्द ही तय कर लेंगे, लेकिन मैं नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में बिल्कुल नहीं हूं। उन्होंने कहा कि संगठन जो भी तय करेगा, वो मुझे मंजूर होगा। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के लिए मेरा नाम नहीं चल रहा है। इसलिए उन्हें जो सीट मिलेगी, वे उस पर खुशी से बैठेंगे। जहां तक जनता की सेवा का सवाल है, वह किसी भी भूमिका में रहकर किया जा सकता है। मेरा पूरा जीवन प्रदेश की जनता के लिए समर्पित है और आजीवन प्रदेश की जनता की सेवा करूंगा। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज की पत्नी साधना सिंह के विदिशा से लोकसभा चुनाव लड़े जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सभी भ्रामक खबरें हंै, अभी ऐसी कोई बात नहीं हुई है। बता दें कि नेता प्रतिपक्ष को लेकर राजनीतिक गलियारों में इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि शिवराज सिंह चौहान को नेता प्रतिपक्ष बनाया जा सकता है। लेकिन शिवराज सिंह चौहान के बयान से उन सभी कयासों पर पूर्ण विराम लगा दिया है।इन्हें बनाया जा सकता है नेता प्रतिपक्ष
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह के नाम चर्चा में हैं। बताया जाता है कि शिवराज सिंह चौहान ने नेता प्रतिपक्ष के तौर पर भूपेंद्र सिंह का नाम आगे बढ़ाया है। आज भूपेंद्र सिंह ने प्रदेश भाजपा संगठन महामंत्री सुहास भगत से मुलाकात की और करीब एक घंटे तक बंद कमरे में चर्चा की। भूपेंद्र सिंह और सुहास भगत की मुलाकात को नेता प्रतिपक्ष से जोड़कर देखा जा रहा है।