हम रुकने-झुकने वाले नहीं, अगले समर की तैयारी करें कार्यकर्ता : शिवराज

मीसाबंदी पेंशन बंद करके इमर्जेंसी के कलंक को झुठलाना चाहती है कांग्रेस सरकार

राजनीतिक संवाददाता
भोपाल, 5 जनवरी। सीटों के अंकगणित में भले ही हम पिछड़ गए हों, लेकिन जनता का अधिक विश्वास आज भी हमारे साथ है और यही हमारी पूंजी है। हमें इसे आगे लेकर बढऩा है। हम रूकने, झुकने और थकने वालों में से नहीं हैं। हम हमेशा आगे बढऩे वाले हैं। युवा मोर्चा पूरे जोश और ऊर्जा के साथ अगले समर की तैयारी करे। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को युवा मोर्चा की प्रादेशिक बैठक को संबोधित करते हुए कही। भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रदेश स्तरीय बैठक शनिवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत, प्रदेश महामंत्री विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश मंत्री पंकज जोशी, प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर, मोर्चा के प्रदेश महामंत्री प्रदीप नायर, केपी झाला मंचासीन थे। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पाण्डे ने आगामी समय में आयोजित किए जाने वाले मोर्चा के कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।
परिणाम हमें निराश नहीं करते: शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विधानसभा चुनाव में हम अंकगणित में पीछे रह गए हैं, लेकिन हमारा वोट प्रतिशत पिछले बार की अपेक्षा बढ़ा है। हम हारे नहीं हैं, सिर्फ अंकगणित में पिछड़े हैं। लेकिन हमें निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम संघर्षों में पले-बढ़े हैं। परिणाम हमें निरुत्साहित नहीं करते। उन्होंने कहा कि 1984 में हमें सिर्फ 2 सीटें मिली थीं। लेकिन उसके बाद लगातार हुए चुनावों में हम शून्य से शिखर तक पहुंचे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलजी की कविता की पंक्तियां ‘हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगाÓ सुनाते हुए कहा कि चिंता की जरूरत नहीं है। अगले समर की तैयारी में जुटें। हमें हिसाब-किताब बराबर करना है। उन्होंने कहा कि थोड़े से प्रयासों की और जरूरत है। हमें बस ठीक से रणनीति बनाने की जरूरत है, हम पिछली बार के आंकड़ों से आगे निकल जाएंगे। उन्होंने मोर्चा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि केन्द्र से जो कार्यक्रम आए हैं, उन्हें निचले स्तर तक ले जाएं।
दबावों में काम कर रही प्रदेश सरकार: चौहान ने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश सरकार लंगड़ी सरकार है। इसके चलते कभी कोई सरकार पर दबाव डालता है, तो कभी कोई। इसी दबाव और टेंशन में काम करते हुए सरकार अपने ही निर्णय बदलती रहती है। बसपा इन्हें समर्थन वापस लेने की धमकी देती है, तो ये केस हटाने का निर्णय ले लेते हैं। एक मंत्री दबाव बनाता है तो उसका विभाग बदल दिया जाता है। समझ में नहीं आ रहा है कि इस सरकार में असली मुख्यमंत्री कौन है? फैसले कौन ले रहा है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने आज तक मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस नहीं मनाया। यह भारतीय जनता पार्टी की ही सरकार थी जिसने 1 नवंबर को मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस मनाकर देश और दुनिया में प्रदेश की पहचान स्थापित की।
आपातकाल के कलंक को झुठला रही कांग्रेस सरकार: पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र विरोधी है। कांग्रेस की सरकार ने देश में इमर्जेंसी लगाई, जो प्रजातंत्र के माथे पर कलंक के समान है। जिन लोगों ने इसका विरोध किया, उन्हें जेल में डाल दिया गया, यातनाएं दी गईं। हमारी सरकार ने लोकतंत्र बचाने को लडऩे वाले लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान निधि देने का काम किया और हमें इस पर गर्व है। उन्होंने कहा कि मीसाबंदी लोकतंत्र के लिए लडऩे वाले वो सैनिक हैं, जिन्होंने कांग्रेस सरकार की तानाशाही के आगे घुटने नहीं टेके। अब कांग्रेस की सरकार इन लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान निधि को बंद करना चाहती है। उन्होंने कहा कि ऐसा करके कांग्रेस इमर्जेंसी के कलंक को झुठलाना चाहती है, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।
हमारे कार्यकर्ताओं पर नजर उठाई, तो छोड़ेंगे नहीं: पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कांग्रेस सरकार सत्ता के मद में चूर होकर कुछ भी कर रही है। लेकिन हम उसे ऐसा करने नहीं देंगे। हम लगातार सक्रिय रहेंगे, गांव-गांव और जहां गड़बड़ होगी वहां विरोध भी करेंगे। चौहान ने कहा कि हां ‘मैंने कहा था कि टाइगर जिंदा हैÓ। हमारे कार्यकर्ता दुखी थे। मैंने कहा था कि क्यों चिंता करते हो, टाइगर अभी जिंदा है। इसका मतलब साफ है कि अगर किसी ने भी हमारे कार्यकर्ताओं की तरफ आंख उठाकर देखा, तो हम छोड़ेंगे नहीं।
हमारा कार्यकर्ता निराश नहीं है: सुहास भगत: बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत ने कहा कि चुनाव के नतीजों से हमारा कार्यकर्ता दुखी जरूर है, लेकिन निराश नहीं है, क्योंकि हमारा कार्यकर्ता हर परिस्थितियों में काम करता आया है। उन्होंने कहा कि युवा हमेशा तैयार और जागरूक रहता है। पिछली घटनाओं को छोड़कर नई चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ता है और उन चुनौतियों में अवसर खोजने का काम करता है। उन्होंने कहा कि हमारा अगला पड़ाव एक ऐसी ही लड़ाई है, जिसमें सभी राक्षसी प्रवृत्तियां एक तरफ हैं, तो दूसरी तरफ देश के सम्मान और स्वाभिमान के साथ राष्ट्र की विचारधारा लेकर चलने वाली भाजपा है। एक तरफ देश के टुकड़े-टुकड़े गैंग है, तो दूसरी तरफ देश के लिए सिर कटाने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा के आगामी कार्यक्रम के माध्यम से हमें हर विधा और हर वर्ग के युवाओं को जोडऩा है।
पंचायत स्तर तक यूथ क्लबों का गठन करें: वीडी शर्मा: पार्टी के प्रदेश महामंत्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि ग्रामीण अंचलों में ऐसी अपार युवा शक्ति है जिसे अभावों के कारण उचित स्थान नहीं मिल पाया। ऐसे ग्रामीण अंचल के युवाओं को यूथ क्लबों के माध्यमों से जोडऩे का काम युवा मोर्चा करे। उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में युवा शक्ति भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़ी रही, जिसका परिणाम हमें स्पष्ट बहुमत के रूप में मिला। उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा युवाओं की आवाज को आगे ले जाने का काम करे। उन्होंने नेहरू युवा संगठन द्वारा होने वाले यूथ पार्लियामेंट के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए यूथ क्लबों के गठन की बात कही। पार्टी के प्रदेश मंत्री पंकज जोशी ने कहा कि युवा मोर्चा ने आगामी कार्यक्रमों की श्रृंखला तैयार की है। उन्हें प्रभावी तरीके से नीचे स्तर तक ले जाने का काम हमें करना है।
संबल योजना बंद करके दिखाए सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कांग्रेस सरकार एक के बाद एक भाजपा सरकार के किए गए कामों और योजनाओं को बदलने का काम कर रही है। सरकार ने आनंद मंत्रालय बदल दिया है। उन्होंने कहा कि हमने संबल योजना में बिजली के बिल माफ किए। इसके बारे में सरकार का कहना है कि हमने 100 रूपए में 100 यूनिट कर दिए हैं, तो इसकी आवश्यकता नहीं है। अब सरकार संबल योजना बंद करना चाहती है। पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कांग्रेस सरकार संबल योजना बंद करके दिखाए। उन्होंने कहा कि चाहे कर्ज माफी हो, बेरोजगारी भत्ता हो, या भांजे-भांजियों की फीस जैसी योजनाएं हों, उनको लेकर कांग्रेस ने जो-जो वादे किए हैं, वो सब उन्हें निभाने पड़ेंगे। उन्होंने युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं से कहा कि बेरोजगारी भत्ते को लेकर जो बात कांग्रेस ने वचन पत्र में कही है, मोर्चा हर पंचायत में बेरोजगारी भत्ते के फार्म भरवाए।