दिग्विजय का दावा-विधायकों को मिल रहे 10 करोड़ के ऑफर

शिवराज का वार-हम लंगड़ी सरकार नहीं बनाएंगे

प्रमुख संवाददाता
भोपाल, 5 जनवरी। मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र 7 जनवरी को शुरू हो रहा है। बहुमत से 2 सीट दूर कांग्रेस के थिंक टैंक को इस बार होने वाली परेशानियों और सत्ता संचालन में संभावित खतरों की आहट अभी से सुनाई देने लगी है। यही वजह है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आशंका भी जाहिर कर दी है कि भाजपा के तीन पूर्व मंत्री विधायकों की खरीद-फरोख्त करने की कोशिश कर रहे हैं। दिग्विजय ने दावा किया है कि ये कांग्रेस की सरकार गिराना चाहते हैं और कांग्रेस विधायकों को 10 करोड़ तक की पेशकश की है। उन्होंने यह भी कहा है कि बीजेपी को विपक्ष की भूमिका पच नहीं रही है इसलिए वह जोड़-तोड़ करके सत्ता में वापस आना चाहती है। इसलिए कांग्रेस नेता पूरी तरह सतर्क हैं और उन पर नजर रखे हुए हैं। दिग्विजय सिंह के इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ की सरकार अल्पमत की सरकार है, पर संख्या बल में बीजेपी से ज्यादा है। इसलिए पहले ही दिन हमने स्पष्ट कर दिया था कि बीजेपी सरकार नहीं बनाएगी। हम चाहते तो लंगड़ी सरकार बना सकते थे
लेकिन मैंने कहा कि हम सिर्फ पूर्ण बहुमत से ही सरकार बनाएंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की आशंका करना बिल्कुल गलत है। जितना सकारात्मक रुख हमने अपनाया, उतना किसी ने नहीं अपनाया। दिग्विजय ने यह भी आरोप लगाया कि शिवराज सरकार में मंत्री रहे तीन बीजेपी नेता कांग्रेस सरकार गिराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया से कहा कि बीजेपी के पूर्व मंत्री निर्दलीय और एसपी-बीएसपी विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस के भी कुछ विधायकों को लालच देने की कोशिश की जा रही है। दिग्विजय के मुताबिक, बीजेपी के नेता विधायकों को दस से पच्चीस करोड़ तक का ऑफर दे रहे हैं। दरअसल, राजनीति के गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि मध्य प्रदेश में भी कर्नाटक की तरह ही बीजेपी विधायकोंं की खरीद-फरोख्त करने के प्रयास कर रही है। 15 साल का लंबा वनवास काटने के बाद सत्ता में आई कांग्रेस अब हर कदम फूंक-फूंक कर रखना चाहती है। वह अपने सभी विधायकों के साथ साथ निर्दलीय और सपा-बसपा के विधायकों को भी एकजुट रखने की कोशिश कर रही है। वहीं, सूत्रों के मुताबिक पार्टी हर विधायकों की गतिविधि पर भी नजर रख रही है। कौन किससे मिल रहा है, इस बात की सूचना प्रदेश हाईकमान को दी जा रही है। खबर है कि सत्र के लिए राजधानी पहुंचने वाले विधायकोंं के लिए कांग्रेस ने एक होटल भी बुक करवाया है। हालांकि, ये बुकिंग पार्टी के नाम से नहीं, बल्कि किसी प्राइवेट कंपनी के नाम की करवाई गई है। कांग्रेस की कोशिश है कि वह अपने सभी विधायकों को बीजेपी से दूर रखें। कांग्रेस सदन में संख्याबल को लेकर काफी गंभीर है किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो, इसलिए पार्टी कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती। बसपा सुप्रीमो मायावती पहले ही समर्थन वापस लेने की धमकी दे चुकी हैं। वहीं, कुछ विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होने से उनमें असंतोष है।