कमलनाथ काबिल हैं, सरकार चला लेंगे: संजय पाठक

राजनीतिक संवाददाता

भोपाल, 6 दिसंबर। भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर विजयराघवगढ़ से विधायक चुने गए पूर्व मंत्री संजय पाठक को मुख्यमंत्री कमलनाथ में काफी संभावनाएं दिखने लगी हैं। संजय पाठक ने मुख्यमंत्री कमलनाथ की तारीफ करते हुए कहा है कि कमलनाथ काबिल नेता हैं और उन्हें लम्बा अनुभव है, कमलनाथ अच्छे मैनेजर हैं, वो सरकार चला लेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री कमलनाथ अनुभवी हैं और केंद्र की कांग्रेस सरकार में 20 सालों तक मंत्री रहे। वे मैनेजमेंट गुरू हैं। वे एक बेहतर मुख्यमंत्री हैं। पाठक ने यह भी कहा कि वे मध्यप्रदेश में पांच सालों तक सरकार चला लेंगे। कभी कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने वाले संजय पाठक के बयान से कयासों का दौर शुरू हो गया है। मध्य प्रदेश में सोमवार से विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होने जा रहा है, और निर्दलीय तथा सपा-बसपा के सहयोग से कांग्रेस पार्टी ने बहुमत का जादुई आंकड़ा तो पा लिया लेकिन उठे हुए विद्रोह के स्वर से नेता ठिठके हुए हैं। ऐसे में पूर्व भाजपा मंत्री का बयान कांग्रेस के लिए एक बड़ी राहत की खबर है और अब खबर यह भी है कि कांग्रेस ने भी अपनी तरफ से भाजपा के कमजोर प्रत्याशियों को टटोलने में लग गयी है। हालांकि भाजपा विधायक दल की बैठक आज शाम पांच बजे होने जा रही है जिसमें पर्यवेक्षक के रूप में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे आ रहे हैं। कांग्रेस को भरोसा है कि नेता प्रतिपक्ष और विधानसभा उपाध्यक्ष के मनोनयन के बाद भाजपा में अंदरूनी खींचतान बढ़ेगी जिसके परिणाम के टूर पर असन्तुष्टों का अप्रत्यक्ष समर्थन सरकार को मिलने लगेगा। इधर हॉर्स ट्रेडिंग की आशंकाओं की चर्चा को लेकर पाठक ने कहा हॉर्स ट्रेडिंग अगर करना होता तो न शिवराज जी इस्तीफा देते और न ही भाजपा कांग्रेस की सरकार बनने का रास्ता साफ करती, जबकि पूरा प्रदेश यह जानता है कि कांग्रेस के पास भी बहुमत नहीं है, ऐसी स्थिति में कांग्रेस को बाहरी समर्थन जुटाने की जरुरत है, क्योंकि सत्ता में कांग्रेस बैठी हुई है। दरअसल, सोमवार को विधानसभा में कमलनाथ सरकार की अग्निपरीक्षा होने जा रही है। इस दिन विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा। इसके साथ ही कमलनाथ सरकार को बहुमत भी दर्शाना होगा। ऐसी स्थिति में वहीं बहुमत के आंकड़े से दो सीट पीछे रहने वाली कांग्रेस सरकार को हार्स ट्रैडिंग का भी डर सता रहा है। इसलिए अपने विधायकों पर भी नजर रखी जा रही है। उधर, कांग्रेस भाजपा को भी शंका की नजरों से देख रही है कि वो कहीं उनके विधायक तोड़कर सरकार गिराने में सफल नहीं हो जाए। हालांकि भाजपा के बड़े नेता ऐसी किसी भी संभावनाओं से इंकार कर चुके हैं।