विधानसभा सत्र की शुरुआत, 228 विधायकों ने ली शपथ

विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव आज, एनपी प्रजापति का स्पीकर बनना तय

भोपाल, 7 जनवरी। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद 15वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार को नवनिर्वाचित विधायकों की शपथ ग्रहण के साथ शुरु हुआ। विधानसभा का पहला सत्र सात जनवरी से 11 जनवरी तक निर्धारित है। सोमवार सुबह विधानसभा सत्र की शुरुआत के साथ ही विपक्षी दल बीजेपी ने कांग्रेस पर प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति में परंपरा के खिलाफ जाने का आरोप लगाया।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन में कहा, वर्ष 2003 में जब भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश में सरकार बनी थी, उस समय वरिष्ठतम विधायक कांग्रेस की जमुना देवी को प्रोटेम स्पीकर बनाया था। मेरी किसी नाम को लेकर आपत्ति नहीं है लेकिन इस सदन में अनेकों वरिष्ठतम सदस्य हैं। गोपाल जी, केपी सिंह जी और बिसाहूलाल सिंह जी जैसे अनेक हैं लेकिन वरिष्ठतम सदस्य के स्थान पर केवल चार बार के विधायक (कांग्रेस विधायक दीपक सक्सेना) को प्रोटेम स्पीकर बनाना परंपरा को तोडऩा है। मैं इस परंपरा को तोडऩे पर आपत्ति प्रकट करता हूं। चौहान की आपत्ति पर कैबिनेट मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि परंपरा का हर समय पालन किया जाए, यह कोई आवश्यक नहीं है।
उन्होंने कहा, प्रोटेम स्पीकर (सक्सेना) की नियुक्ति संविधान के अनुसार है और राज्यपाल ने संविधान के प्रावधानों की तहत ही उन्हें नियुक्त किया है। इस संक्षिप्त नोंक-झोंक के बाद स्पीकर दीपक सक्सेना ने विधायकों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम शुरु करवा दिया। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधायक के तौर पर सबसे पहले शपथ ग्रहण की। इसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ के मंत्रिमंडल के मंत्रियों ने शपथ ग्रहण की। मध्य प्रदेश की पंद्रहवीं विधानसभा के प्रथम सत्र के पहले दिन 228 विधायकों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। शपथ पूर्व प्रमुख सचिव एपी सिंह ने चुनाव आयोग से प्राप्त सदस्यों की सूची पटल पर रखी। सर्वप्रथम पूर्व मुख्यमंत्री एवं सदस्य शिवराज सिंह चौहान एवं डॉ. गोविन्द सिंह संसदीय कार्य मंत्री के साथ मंत्रिमंडल के सदस्यों एवं सभापति तालिका के सदस्यों ने शपथ ली एवं इसके बाद क्षेत्रवार नव नियुक्तो सदस्यों को शपथ दिलायी गई।
भाजपा में भी संदेह के बादल
बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री संजय पाठक का एक बयान काफी अहम माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कमलनाथ को ‘प्रबंधन का गुरुÓ बताया है। साथ ही कमलनाथ के कार्यों को सराहा है। संजय पाठक कांग्रेस से ही बीजेपी में गए थे और इस्तीफा देकर चुनाव लडऩे के बाद मंत्री बने थे। पाठक के पिता सत्येंद्र पाठक कांग्रेस के नेता रहे। पाठक ने जब कांग्रेस छोड़ी थी, तब भी उन्होंने कहा था कि उनके डीएनए में कांग्रेस है। पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक पाठक द्वारा कमलनाथ की तारीफ किए जाने को राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है। यह बात अलग है कि पाठक इसे व्यक्तिगत बयान करार दे रहे हैं। कमलनाथ के ऑफिस से जुड़े लोगों के नाते-रिश्तेदार कटनी में काफी अहमियत रखते हैं और वे बीजेपी विधायकों के संपर्क में हैं। लिहाजा, अगर कोई बड़ा उलटफेर होता है तो वह अचरज वाला नहीं होगा। इधर पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया भी एक सप्ताह के अवकाश पर चली गयी हैं, लिहाजा अब भाजपा की सदस्य संख्या घटकर 108 हो जाएगी।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पांच बैठकें होना प्रस्तावित है। अध्यक्ष के चुनाव के बाद कल यानी मंगलवार को राज्यपाल का अभिभाषण होगा। विधायकों के शपथ लेने की प्रक्रिया मंगलवार तक चल सकती है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष पद का चुनाव होगा और फिर राज्यपाल का अभिभाषण होगा। विधानसभा में 10 जनवरी को 18000 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा, जिस पर उसी दिन चर्चा होगी। 90 विधायक पहली बार सत्र में शामिल होंगे।