मोहंती को अपनी कलेक्टरी याद आ गई…

मुख्य सचिव बनने के बाद पहली बार मैदानी नौकरशाहों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में

प्रशासनिक संवाददाता
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव सुधि रंजन मोहंती (1982) में आज कार्यभार संभालने के बाद पहली बार अपनी वीडियो कांफ्रेंसिंग में मैदानी नौकरशाहों और पुलिस कप्तानों को निर्देश देते हुए अपनी इंदौर में की गई कलेक्टरी को याद करने से नहीं चूके। उन्होंने जिला कलेक्टरों को सबसे पहले जिले के अंदर स्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम को लेकर निर्देश देते हुए कहा कि जिला कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि उनके जिले में किस प्रकार की बीमारियां आम जनता को परेशान करती है और उससे निजात पाने के लिए क्या-क्या उपाय जरूरी है। मुख्य सचिव ने अपनी वीडियो कांफ्रेंसिंग में कलेक्टरों से यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की ऋण माफी के आदेश के क्रियान्वयन में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि तीन तरह के तीन रंगों में अलग-अलग प्रोफार्मा है, जिन्हें ठीक से भराया जाए, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कतों का सामना न करना पड़े। मुख्य सचिव ने जिले के पुलिस कप्तानों से कहा कि कानून और व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए इस बात का ध्यान रखा जाए कि जिला कलेक्टर और एसपी एक टीम की तरह काम करें। किसी भी प्रकार के कलेक्टर-एसपी में अनबन की शिकायत उन्हें नहीं मिलनी चाहिए। मुख्य सचिव ने कहा कि आम जनता की शिकायतों का निराकरण त्वरित होना चाहिए और कोई भी समस्या जब तक भोपाल के स्तर से निपटाने वाला न हो, तब तक उसे भोपाल नहीं भेजा जाए। जिला कलेक्टर जिला सरकार की तरह समस्याओं को निपटाएं और सत्ता का केन्द्र भोपाल बनें, ऐसा न हो। मोहंती ने कहा कि पुलिस अधीक्षक केवल आदतन अपराधों के अलावा कानून और व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न करने वाले उन मामलों को भी देखें, जिससे कानून व्यवस्था बिगाडऩे की आशंका हो। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राशन की दुकान में यदि लंबी कतार है और राशन के लिए मारामारी का वातावरण है तो वह भी कानून और व्यवस्था के दायरे में आना चाहिए। मोहंती ने कलेक्टरों को आगाह किया कि जिन जिलों में गर्मी के मौसम में पीने के पानी का अभाव होता है, सूखे की वजह से त्राहि-त्राहि मचती है, उसके लिए अभी से तैयारी करनी चाहिए। मुख्य सचिव मोहंती की वीडियो कांफ्रेंसिंग हालांकि आज पहली बार थी, लेकिन उन्होंने अपनी कलेक्टरी में जितने बेहतर से बेहतर काम किए उसको आज इस मौके पर उन्होंने उदाहरण का सबब भी बनाया।