उज्जैन कलेक्टर-कमिश्नर को महंगा पड़ा अस्था से खिलवाड़

भोपाल, 7 जनवरी। आस्था से खिलवाड़ करना उज्जैन के कलेक्टर और कमिश्नर को महंगा पड़ गया। शनिचरी अमावस्या के दिन उज्जैन पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं को स्नान के लिए क्षिप्रा में पानी नहीं मिला। श्रद्धालुओं को फव्वारे से स्नान करना पड़ा। मीडिया में खबर आने के 24 घंटे बाद ही मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर राज्य शासन ने उज्जैन कलेक्टर मनीष सिंह व उज्जैन संभाग के कमिश्नर एमबी ओझा को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया। इनके अलावा राज्य शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के चार अधिकारियों के तबादले कर नवीन पदस्थापना की है, जिसमें अजीत कुमार को उज्जैन कमिश्नर बनाया है तो वहीं शशांक मिश्रा उप सचिव मंत्रालय को कलेक्टर उज्जैन बनाकर भेजा है, इसी तरह एमबी ओझा उज्जैन संभाग के कमिश्नर को सचिव मंत्रालय तथा मनीष सिंह कलेक्टर उज्जैन को उप सचिव मंत्रालय में पदस्थ करने के आदेश जारी किए हैं।