किसानों, नौजवानों, बेरोजगारों के उत्थान के लिए सरकार कृत संकल्पित

राज्यपाल आनंदी बेन के अभिभाषण में शामिल नहीं हुए भाजपा विधायक

विधानसभा संवाददाता
भोपाल, 8 जनवरी। राज्यपाल आंनदी बेन पटेल के अभिभाषण में भाजपा विधायक शामिल नहीं हुए। प्रोटेम स्पीकर ने भाजपा द्वारा प्रस्तावित अध्यक्ष का नाम का अनुमोदन नहीं किया। जिसका भाजपा विधायक दल ने पुरजोर विरोध किया। विरोध के चलते भाजपा विधायक राज्यपाल के अभिभाषण में भी शामिल नहीं हुए। विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने के बाद सदन की कार्रवाई तीन बजे तक स्थगित कर दी गई थी। दोबारा शुरू हुए सत्र में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का अभिभाषण हुआ। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने अपने अभिभाषण में कहा कि किसानों और नौजवानों, बेरोजगारों के उत्थान के लिए सरकार कृत संकल्पित है। शिक्षा एवं स्वास्थ सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। वहीं अगले 5 साल में सिंचाई क्षमता को 65 लाख हेक्टेयर किया जाएगा अनुपूरक बजट पर चर्चा 9 जनवरी को होगी विधानसभा की कार्यवाही कल बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है वित्त मंत्री तरुण भनोट ने अनुपूरक बजट पटल पर रखा राज्यपाल ने कहा कुपोषण कम करना, महिला शक्तिकरण, एवम् अपराधों पर त्वरित कार्यवाही होगी महिला और बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों के प्रति कार्यवाही को गंभीरता से सुनिश्चित करेगी। कब्जाधारियों को पट्टा आवंटित होंगे पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण के कार्यों को गति देने का काम सरकार करेगी गरीब और श्रमिकों के लिए नया सवेरा कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। गरीबों के लिए नया सवेरा कार्यक्रम, पेयजल, बिजली, सड़कों का गांव तक विस्तार किया जाएगा माँ नर्मदा न्यास का गठन होगा मां नर्मदा के लिए नर्मदा न्यास अधिनियम लाया जाएगा, पुलिस बल का मनोबल बढ़ाया जाएगा। हर कीमत पर कानून व्यवस्था, साम्प्रदायिक सदभाव के लिए हर संभव कदम उठाये जाएंगे। वचन पत्र के हर बिंदु को 5 साल में पूरा किया जाएगा। अपनी अपनी जिम्मेदारी निभाने के साथ प्रदेश का विकास किया जाएगा।
कार्य मंत्रणा समिति की घोषणा: मुख्यमंत्री कमलनाथ, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, तुलसी सिलावट विजयलक्ष्मी साधो, गोविंद सिंह, शिवराज सिंह चौहान, के.पी. सिंह, कक्काजू बिसाहू लाल सिंह, नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह, विश्वास सारंग यशपाल सिंह सिसोदिया, संजीव सिंह कुशवाह कार्य मंत्रणा समिति के सदस्य बने।
दिग्विजय, पचौरी थे मौजूद: स्पीकर के चुनाव के दौरान अध्यक्ष दीर्घा में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी एवं पूर्व डिप्टी स्पीकर राजेन्द्र सिंह मौजूद थे। तीनों नेता सदन की कार्यवाही पर नजर रखे हुए थे। जब प्रोटेेम स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित की जब मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अध्यक्ष प्रवेश द्वारा से स्पीकर के कक्ष में जाकर चर्चा की। करीब 10 मिनट के तक रणनीति पर चर्चा हुई।
भाजपा ने कर ली थी वोटिंग की तैयारी:भाजपा ने अध्यक्ष चुनाव के लिए वोटिंग की तैयारी कर ली थी। यही वजह थी कि वरिष्ठ विधायक करण सिंह वर्मा को विशेष तौर पर भोपाल बुलाया गया। वर्मा की धर्म पत्नी का कल ही निधन हो गया था। वहीं विधायक यशोधरा राजे सिंधिया विदेश जाने वाली थीं, उन्हें रोका गया।
भाजपा ने की गुप्त मतदान की मांग: स्पीकर चुनाव प्रक्रिया से पहले भाजपा ने गुप्त मतदान की मांग की थी। जिसे विधानसभा में खारिज कर दिया। भाजपा ने इसका भी विरोध किया। सत्तापक्ष ने इसके जवाब में तर्क दिया था कि राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने ही ओवर वोटिंग की शुरूआत की थी।
भाजपा विधायकों ने पैदल मार्च निकालकर राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
प्रोटेम स्पीकर के फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज का दिन लोकतंत्र के लिए काला दिन है। सदन से वॉकआउट करने के बाद शिवराज ने आरोप लगाया कि हमारे प्रत्याशी विजय शाह के नाम को प्रस्तावित करने का अवसर नहीं दिया गया। विरोध में भाजपा विधायकों ने विधानसभा से राजभवन तक पैदल मार्च निकाला। जहां उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।