अभी ट्रेलर दिखाया फिल्म बाकी : कमलनाथ

विजय कुमार दास
भोपाल, 8 जनवरी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा लिखित ‘भारत शताब्दीÓ नामक किताब बाजार में उतर गई है। शायद किसी को इस बात का पता नहीं होगा कि कमलनाथ राज पुरुष के अलावा विकास पुरुष और उसके साथ-साथ डिप्लोमेट बड़े लेखक भी हैं। आज उन्होंने अपने राजनैतिक जीवन का रहस्योद्घाटन करते हुए विधानसभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति को बधाई दी तब इस अवसर पर राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि संपादक ने उनसे जब यह पूछा गया कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने मध्यप्रदेश विधानसभा के 52 साल की परंपरा को समाप्त करते हुए विधानसभा अध्यक्ष का निर्विरोध चुनाव नहीं होने दिया और विभाजन के बाद अंतत: 120 मतों से नर्मदा प्रसाद प्रजापति विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए। क्या अब मुख्यमंत्री कमलनाथ कांग्रेस विधायक दल के नेता होने के नाते यह चाहेंगे कि विधानसभा उपाध्यक्ष के पद का भी चुनाव हो तो इस सवाल के जवाब में कमलनाथ ने दो टूक कहा कि ‘अभी तो यह ट्रेलर है फिल्म बाकी है देखिए आगे-आगे होता है क्या।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस विधायक दल के नेता और मुख्यमंत्री होने के नाते सदन की परंपरा और मर्यादा समाप्त न हो इसके लिए कमलनाथ ने काफी प्रयास किए लेकिन उनके प्रयास अंतत: विफल रहे परंतु चाणक्य की नीति का पर्दाफाश करते हुए कमलनाथ जी ने एक बड़ी सफलता अर्जित की है वह यह कि भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बीच गुटबाजी ने हमेशा के लिए स्थान बना लिया है जिसका नुकसान भाजपा को 2019 के चुनाव में जरूर होगा इसका अंदाजा केवल कमलनाथ को है। इस खबर के साथ छपी हुई तस्वीर यह संकेत देती है कि विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के चयन से मुख्यमंत्री कमलनाथ बेहद खुश हैं और दोनों मिलकर प्रदेश के विकास में सकारात्मक कदम उठाएंगे। कमलनाथ द्वारा गोपाल भार्गव को बधाई देना अपने आप में एक बड़ी राजनीतिक समव्यवहारिक घटना के रूप में देखा जा रहा है।