राधेश्याम जुलानिया और विवेक अग्रवाल जाएंगे दिल्ली

भोपाल, 10 जनवरी। शिवराज सरकार के दो करीबी आईएएस अफसर राधेश्याम जुलानिया और विवेक अग्रवाल को राज्य सरकार ने दिल्ली भेजने की तैयारी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक राज्य शासन ने दोनों आईएएस अधिकारियों के अनापत्ति प्रमाण पत्र भी जारी कर दिए हैं। लेकिन अभी केंद्र सरकार से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली जाने को लेकर जब वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राधेश्याम जुलानिया से पूछा तो उन्होंने बताया कि वे पिछले महीने ही केंद्र को प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन कर चुके हैं और राज्य सरकार ने 31 दिसंबर को अनापत्ति प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया था, लेकिन अभी तक केंद्र से कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। राधेश्याम जुलानिया अपने सख्त मिजाज के लिए जाने जाते हैं। एसआर मोहंती के मुख्य सचिव बनने के बाद से ही जुलानिया के प्रतिनियुक्ति पर जाने की अटकलें थीं। राधेश्याम जुलानिया के साथ विवेक अग्रवाल को भी सरकार ने प्रतिनियुक्ति पर भेजने की तैयारी कर ली है। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री कमलनाथ ने फाइल पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। मध्य प्रदेश में नयी सरकार के सत्ता में आने के बाद ब्यूरोक्रेट्स के तबादलों का दौर चला। अब इसके बाद विवादित अफसरों की बारी आयी है। विवेक अग्रवाल फिलहाल पीएचई विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेट्री हैं और राधेश्याम जुलानिया जल संसाधन विभाग के एसीएस हैं। विवेक अग्रवाल शिवराज सरकार के नजदीकी और खास अफसरों में थे। पीएचई के उपसचिव नियाज अहमद खान और पीएस विवेक अग्रवाल के बीच कल बुधवार को भोपाल में बैठक के दौरान कहासुनी हो गयी थी। पीएचई के उपसचिव नियाज अहमद खान ने मुख्य सचिव से इसकी शिकायत कर दी थी। बाद में नियाज अहमद खान ने प्रताडऩा को लेकर सोशल मीडिया में भी लिखा था।