हिना कांवरे वि.स. उपाध्यक्ष

हंगामे के बाद अनिश्चितकाल के लिए विधानसभा स्थगित

विधानसभा संवाददाता
भोपाल, 10 जनवरी। मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने गुरुवार को कांग्रेस विधायक हिना कांवरे को उपाध्यक्ष घोषित किया। भाजपा की ओर से इस पद के लिए विधायक जगदीश देवड़ा के नाम का प्रस्ताव रखा गया था। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए वोटिंग नहीं कराई गई। यह चयन प्रक्रिया अलोकतांत्रिक है। हम फैसले को कोर्ट मेें चुनौती देंगे। इस दौरान हंगामे के बीच विधनासभा की कार्रवाई 10-10 मिनट के लिए 3 बार स्थगित की गई। भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष पर पक्षपात का आरोप लगाया और उनके इस्तीफे की मांग की। हंगामे की बीच सरकार ने 22 हजार, 2 सौ 67 करोड़, 29 लाख, 5 हजार, 6 सौ रूपए का अनुपूरक बजट पास कर दिया। इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने सदन की कार्रवाई अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव रखा और अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
हिना के पक्ष में 4 प्रस्ताव
विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में मंगलवार को जो पैटर्न प्रोटेम स्पीकर ने अपनाया था, उसे ही विधानसभा अध्यक्ष ने उपाध्यक्ष चुनाव में आगे बढ़ाया। कांग्रेस की ओर से हिना कांवरे के पक्ष में पहले चार प्रस्ताव दिए गए। भाजपा के जगदीश देवड़ा के पक्ष में प्रस्ताव पांचवां था। विधानसभा अध्यक्ष ने पहले आए प्रस्तावों को पास करते हुए हिना कांवरे को उपाध्यक्ष घोषित किया। हिना को हाल में ही कांग्रेस का राष्ट्रीय प्रवक्ता भी बनाया गया था।
सदन में बिना अनुमति के कुछ नहीं बोल सकते: एनपी प्रजापति : सदन की कार्यवाही शुरू होने पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में पारित हुए सामान्य वर्ग के आरक्षण बिल पर धन्यवाद ज्ञापित करना शुरू कर दिया। इस पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने हंगामा कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद (एनपी) प्रजापति ने शिवराज सिंह से कहा कि आप सदन में बिना अनुमति के कुछ नहीं बोल सकते। इस पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। इससे पहले कांग्रेस विधायकों ने शिवराज सिंह की बैठने की जगह पर भी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने अध्यक्ष से कहा कि शिवराज नेता प्रतिपक्ष की जगह पर बैठे थे और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव उनकी बगल में बैठे हुए थे। कांग्रेस विधायकों के हंगामे के बाद दोनों ने अपनी जगह बदली।
बिना चर्चा के पारित हो गया अनुपूरक बजट: 15वीं विधानसभा का पहला सत्र अपनी तय अवधि से एक दिन पहले 10 जनवरी, गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। इस सत्र में बिना चर्चा 22 हजार करोड़ रुपए से अधिक का अनुपूरक बजट, राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव और मध्यप्रदेश माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक को पारित कर दिया गया। वैसे तो अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए दो घंटे समय तय किया था, लेकिन उपाध्यक्ष के निर्वाचन को लेकर सदन में चले हंगामे के कारण इस पर चर्चा ही नहीं हो सकी। वित्तमंत्री तरुण भनोत ने अनुपूरक को लेकर प्रस्ताव रखा। जब इस पर बोलने के लिए कोई आगे ही नहीं आया तो अनुपूरक बजट को मंजूरी देते हुए विनियोग विधेयक पारित कर दिया गया।