वल्र्ड इकॉनामिक फोरम के अध्यक्ष बार्ज ब्रेंडे ने कमलनाथ को दावोस बुलाया

49वीं बैठक में शामिल होने 21 जनवरी को रवाना होंगे मुख्यमंत्री

भोपाल, 11 जनवरी। स्विटजरलैंड के दावोस में 22 से 25 जनवरी तक इंटरनेशनल वल्र्ड इकोनॉमी कॉन्फ्रेंस आयोजित होने जा रही है, जिसमें दुनिया भर के नामचीन उद्योगपतियों का जमावड़ा होगा। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में औद्योगीकरण को लेकर विमर्श होगा। वल्र्ड इकानामिक फोरम के अध्यक्ष बार्ज ब्रेंडे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत पत्र लिखकर इस सम्मलेन में शामिल होने का न्योता दिया है। कमलनाथ के साथ इस यात्रा में मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती, प्रमुख सचिव अशोक बर्णवाल और मोहम्मद सुलेमान समेत राज्य के 5 उद्योगपति भी साथ होंगे। वल्र्ड इकानामिक फोरम के अध्यक्ष बार्ज ब्रेंडे ने कमलनाथ को मध्यप्रदेश के नये मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने और उनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी को जीत दिलाने के लिये बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। बार्ज ब्रेंडे ने पत्र लिखकर स्विटजरलैंड के दावोस क्लारेस्टर्स में वल्र्ड इकानामिक फोरम की 22 से 25 जनवरी को होने वाली 49वीं वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ को आमंत्रित किया है।
कमलनाथ ने भी बैठक में शामिल होने की स्वीकृति दी है। बार्ज ब्रेंडे ने अपने पत्र में लिखा है कि साल की शुरुआत में ग्लोबल एजेंडा तय करने के लिये यह बैठक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कमलनाथ को संबोधित करते हुए कहा कि बैठक में शामिल हो रहे प्रतिभागी मध्यप्रदेश में होने वाले सुधारों के संबंध में आपकी सोच और दृष्टिकोण से लाभान्वित होंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि कमलनाथ के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अप्रत्याशित रूप से प्रगति और समृद्धि हासिल करेगा। उन्होंने मध्यप्रदेश के सतत् और समावेशी विकास की सोच को जमीन पर उतारने में नई भूमिका में सफल होने कामना की है। ब्रेंडे ने अपने पत्र में लिखा है कि सार्वजनिक-निजी क्षेत्र की परस्पर साझेदारी को प्रोत्साहित करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था के रूप में वल्र्ड इकानामिक फोरम आपके और आपकी सरकार के साथ काम करना चाहता है और राज्य की विकास संभावनाओं को पूरा करने में राज्य का सहयोग करना चाहता है।
शपथ ग्रहण के बाद यह कमलनाथ की पहली विदेश यात्रा होगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि कमलनाथ की इस यात्रा से मध्य प्रदेश को कुछ न कुछ नया तोहफा जरुर मिलेगा। स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित तीन राज्यों के मुख्यमंत्री तथा भारतीय कंपनी जगत के 100 से ज्यादा भारतीय मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) भी हिस्सा लेंगे। माइक्रोसाफ्ट के भारतीय मूल के सीईओ सत्य नाडेला तथा विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम यॉन्ग किम वैश्विक नेताओं की इस सालाना बैठक के 2019 के संस्करण की सह अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक 21 से 25 जनवरी तक होगी। नाडेला और किम के साथ छह और युवा भी बैठकों की सह अध्यक्षता करेंगे। इन सभी की आयु 30 साल से कम है। इन युवा दिग्गजों में इराक के बासिमा अब्दुलरहमान, कोलंबिया के जुआन डेविड एरिस्टिजाबल, स्वीडन के नोऊरा बेररॉउबा, अमेरिका से जूलिया ल्यूसकांबे, केन्या से मोहम्मद हसन मोहम्मद और जापान से एकिरा सकानो को चुना गया है। कारोबार, राजनीति, सरकार, समाज, कला और मीडिया जगत के 3,000 से अधिक दिग्गजों के इस जमावड़े में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगातार दूसरे साल शामिल होने की उम्मीद है। इस आयोजन का विषय ‘वैश्वीकरण 4.0 चौथी औद्योगिक क्रांति के दौर में वैश्विक ढांचे को आकार रखा गया है। इसमें भारत केंद्रित कई सत्रों का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा भारत का राजनीतिक परिदृश्य भी चर्चा के केंद्र में रहेगा, क्योंकि यह आयोजन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद और आम चुनावों से पहले हो रहा है। डब्ल्यूईएफ के संस्थापक एवं कार्यकारी चेयरमैन क्लाउस श्वाब ने बयान में कहा- हम जानते हैं कि वैश्वीकरण अपने चरम को छू चुका है, लेकिन वैश्विक एकीकरण जारी रहेगा। इसे चौथी औद्योगिक क्रांति की प्रौद्योगिकियों तथा कई तरह की चुनौतियों मसलन जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता, आटोमेशन से नौकरियों के नुकसान और वैश्विक सहयोग के टूटने के खतरे की वजह से प्रोत्साहन मिलेगा। केंद्रीय वित्त मंत्री जेटली के अलावा इस आयोजन में वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी भाग लेंगे। कमलनाथ के अलावा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी डब्ल्यूईएफ में भाग लेंगे। नायडू के पुत्र और मंत्री नारा लोकेश, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के पुत्र और मंत्री केटी रामा राव और पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल के भी बैठक में भाग लेने की उम्मीद है। उद्योग जगत से बैठक में अजीम प्रेमजी और उनके पुत्र ऋषद, मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी तथा उनके बच्चे ईशा और आकाश, गौतम अडाणी, उदय कोटक, एन चंद्रशेखरन, लक्ष्मी निवास मित्तल और उनके पुत्र आदित्य, नंदन नीलेकणि, आनंद महिंद्रा, अजय पीरामल और अजय सिंह के भाग लेने की उम्मीद है। भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन, नवविकास बैंक के अध्यक्ष केवी कामत, आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लेगार्ड और मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ और नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कान्त में इसमें हिस्सा लेंगे।

22 से 25 जनवरी तक चलेगा सम्मेलन, 3000 लोग बनेंगे हिस्सा
डब्ल्यूईएफ सम्मेलन में करीब 3000 लोग हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन 22 से 25 जनवरी तक चलेगा। इस बार दावोस सम्मेलन की चेयरमैनशिप सात महिलाओं को सौंपी गई है। इनमें भारत की एंटरप्रेन्योर और एक्टिविस्ट चेतना सिन्हा भी शामिल हैं। इस सम्मेलन में दुनिया की टॉप कंपनियों के सीईओ भी शामिल हो रहे हैं। वल्र्ड बैंक और आईएमएफ के तमाम अफसर भी इस सम्मेलन में मौजूद रहेंगे। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन और इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड की चीफ क्रिस्टीन लाग्रेडे के भी इसमें आने की संभावना है। दुनिया के करीब 40 देशों के राष्ट्राध्यक्ष इस सम्मेलन में हिस्सा ले सकते हैं।