दिल्ली में नए मध्यप्रदेश भवन की आधारशिला का कार्यक्रम लेकिन कमलनाथ की चिंता गांवों की अर्थव्यवस्था पर

नए मध्यप्रदेश भवन में मंत्री, सांसद, विधायक अथवा पत्रकार कोई भी ठहरे किराया देना होगा

विजय कुमार दास
नई दिल्ली, 12 जनवरी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज नई दिल्ली में राज्य सरकार द्वारा निर्मित होने वाले नए मध्यप्रदेश भवन की आधारशिला रखी। मैरीजैसेस मार्ग पर चाणक्यपुरी में बनने वाले इस नए मध्यप्रदेश भवन की परिकल्पना को मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी सरकार के समय आकार दिया था, लेकिन आज शिवराज सिंह चौहान दिल्ली में तो थे, परंतु नए मध्यप्रदेश भवन की आधारशिला के कार्यक्रम में वे नहीं आए और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर कार्यक्रम में छाए रहे। मंच पर भले ही बाबूलाल गौर को आमंत्रित नहीं किया गया था, लेकिन मंच से मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गौर साहब का नाम बड़े सम्मानजनक ढंग से लिया। इस अवसर पर सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव आईसीपी केशरी तथा मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव वित्त विभाग अनुराग जैन ने मंच को संभाला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश भवन नया बने, इससे मुझे खुशी है लेकिन यह घाटे में चले, मैं इसे उचित नहीं समझता। उन्होंने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक अथवा वरिष्ठ अधिमान्य पत्रकार जो 60 वर्ष की उम्र सीमा पार कर चुके हैं और पत्रकारिता में सक्रिय हैं, उन्हें यहां ठहरने में प्राथमिकता तो मिलेगी, लेकिन सबको किराए का भुगतान करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नए मध्यप्रदेश भवन के शिलान्यास के अवसर को मध्यप्रदेश के विकास के लिए नौकरशाहों को कैसा संदेश दिया जाए, इसका उपयोग करते हुए उन्होंने कहा कि समय के साथ नजरिए सोच और कार्यशैली में बदलाव की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था यदि मध्यप्रदेश की 70 प्रतिशत आबादी को संचालित करती है तो हमें जीडीपी के आंकड़ेबाजी से दूर रहकर यह निर्णय करना होगा कि गांवों में वो लोग जो किसान नहीं भी हैं और किराने की दुकान चलाते हैं, किराए से ट्रैक्टर चलाते हैं, ये लोग भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कहीं न कहीं प्रभावित करते हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि ग्रामीण अंचलों में यदि क्रय शक्ति बढ़ेगी तथा खेती को उद्योग के रूप में महत्व देते हुए कृषि के लिए आवश्यक अधोसंरचना पर काम किया जाएगा तो मध्यप्रदेश के विकास में हम तेजी से आगे बढ़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था से उनका मतलब है कि आय दुगनी हो और क्रय शक्ति बढ़ाई जाए, ताकि आने वाले 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास का मॉडल ऐसा बने जिसमें प्रदेश का प्रत्येक नौकरशाह अपनी सकारात्मक भूमिका अदा कर सके। कार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि से कहा कि वरिष्ठ अधिमान्य पत्रकारों को भी नए भवन में ठहरने की इजाजत होगी, लेकिन उन्हें इसका भुगतान करना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नया भवन घाटे में चले, यह कदापि बर्दाश्त नहीं होगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यह भी कहा कि वल्र्ड इकॉनामिक फोरम के कार्यक्रम से लौटने के बाद वे सेंट्रल प्रेस क्लब के मीट-द-प्रेस कार्यक्रम में जरूर आएंगे।