भूपेश बघेल का प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बने रहने में कोई परहेज नहीं: मोतीलाल वोरा

करुणा शुक्ला चाहती हैं प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनना!

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव मोतीलाल वोरा का मानना है कि लोकसभा 2019 के चुनाव तक यदि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के पद को भी संभाले रहें तो इसमें कोई हर्ज नहीं है। राष्ट्रीय हिन्दी मेल से एक लंबी मुलाकात में उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के लिए छत्तीसगढ़ में लंबी सूची है और अंतिम फैसला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के हाथ में ही है। जब वोरा से पूछा गया कि राजनांदगांव से मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ चुकीं करुणा शुक्ला के बारे में आपकी क्या राय है। तो वोरा ने कहा कि करुणा शुक्ला ने डॉ. रमन सिंह को खूब छकाया, इसमें कोई दो मत नहीं है। परंतु इस सवाल के जवाब में वे खामोश रहे कि करुणा शुक्ला को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया जाना उचित होगा अथवा नहीं। उन्होंने कहा कि अभी छत्तीसगढ़ में संगठन को लेकर कवायद बाकी है। जिसमें हमारी पहली प्राथमिकता है कि प्रदेश चुनाव समिति का लोकसभा चुनाव के लिहाज से बेहतर ढंग से चयन होना चाहिए ताकि 11 उम्मीदवारों के नामों की सिफारिश निष्पक्ष हो और गुटबाजी से दूर रहें। मोतीलाल वोरा ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ राज्य में अधिक से अधिक लोकसभा क्षेत्रों में जीत दर्ज करेंगे और राहुल गांधी देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर धनेन्द्र साहू या अमितेष शुक्ला जैसे वरिष्ठ विधायकों के बारे में जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि धनेन्द्र साहू तो राहुल गांधी से मिलकर गए भी हैं, लेकिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद का फैसला अभी राहुल गांधी ने रोक रखा है। वोरा ने यह भी कहा कि यदि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर अन्य नेता को बैठाया जाता है तो वह व्यक्ति ऐसा भी होना चाहिए, जिसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की 100 प्रतिशत सहमति भी हो। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को राजस्थान मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ तीनों राज्यों में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर ऐसे नेता का चुनाव करना है, जो संबंधित राज्यों के मुख्यंमत्री के साथ सामंजस्य बैठा कर चल सके। ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ में करुणा शुक्ला और धनेन्द्र साहू भूपेश बघेल की सहमति के दायरे में आएंगे, यह सोच का विषय है। क्योंकि ये दोनों नेता किसी न किसी रुप से अपने आप को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से जुड़ा हुआ मानते हैं। लेकिन यदि कांग्रेस संगठन और सरकार में प्रतिनिधित्व को लेकर विचार किया जाएगा तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ब्राम्हण वर्ग के किसी वरिष्ठ नेता पर अपनी सहमति जता सकते हैं। क्योंकि मुख्यमंत्री स्वयं पिछड़े वर्ग से आते हैं और विधानसभा अध्यक्ष का पद भी पिछड़े वर्ग के डॉ. चरणदास महंत को सौंपा गया है। ऐसी स्थिति में करुणा शुक्ला, सत्यनारायण शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्यामाचरण शुक्ल के पुत्र अमितेष शुक्ला के नाम पर भी सहमति हो सकती है। नई दिल्ली से लिखी जा रही खबर का लब्बे-लुआब यह है कि छत्तीसगढ़ राज्य में जो भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनेगा, वह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मर्जी से ही बनेगा, इसमें संदेह नहीं हैं।
चूंकि छत्तीसगढ़ के प्रभारी महासचिव पी.एल. पुनिया गत दस महीनों से लगातार छत्तीसगढ़ के कांग्रेस के मैदानी कार्यकर्ताओं से लेकर सभी बड़े नेताओं के संपर्क में रहे हैं और उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य में कांग्रेस की जीत के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संघर्ष के साथ रास्ता तय करने में अहम भूमिका भी निभाई है ऐसी स्थिति में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के लिए पी.एल. पुनिया की सलाह को भी राहुल गांधी महत्व देंगे, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता।

विशेष रिपोर्ट के लेखक इस पत्र समूह के मुद्रक, प्रकाशक, स्वामी एवं प्रधान संपादक हैं ।