मुख्य सचिव ने उज्जैन कलेक्टर से कहा- वेलडन, महाकाल की सेवा ऐसी ही होना चाहिए

मोहंती ने रामघाट, त्रिवेणी घाट, क्षिप्रा तट का किया निरीक्षण

उज्जैन, ब्यूरो, 13 जनवरी। मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती ने आज उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट, त्रिवेणी घाट और रामघाट पहुंचकर मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मोहंती ने उज्जैन कलेक्टर शशांक मिश्रा से कहा- महाकाल की सेवा में कोई कमी नहीं होना चाहिए। मुख्य सचिव ने कलेक्टर को निर्देश दिये कि विभिन्न घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिये स्नान और दर्शन आदि की सर्वोत्तम व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति पर्व सहित विभिन्न स्नान पर्वों के लिये भी नर्मदा नदी का पानी क्षिप्रा नदी में प्रवाहित करने की स्थाई व्यवस्था की जाये। इन कार्यों में सभी संबंधित विभाग पूर्ण समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएँ। इन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों की बैठक में निर्देश दिये कि गंभीर नदी के पानी की चोरी रोकने के लिये जिला प्रशासन सख्त कार्यवाही करे। घाटों पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। बहुत ज्यादा आवश्यकता होने पर ही गंभीर नदी का पानी क्षिप्रा नदी में छोड़ा जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि गंभीर नदी का पानी पूर्ण रूप से उज्जैन शहर की पेयजल व्यवस्था के लिये आरक्षित रखा जाए। मुख्य सचिव मोहंती के निरीक्षण के दौरान और बैठक में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन आर.एस. जुलानिया, अपर मुख्य सचिव नर्मदा घाटी विकास रजनीश वैश्य, प्रमुख सचिव द्वय प्रमोद अग्रवाल और विवेक अग्रवाल तथा संभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

गंगा की सफाई करने वाले सबक लें: कमलनाथ
मुख्य सचिव सुधि रंजन मोहंती के क्षिप्रा नदी के घाटों का निरीक्षण और सफाई के निर्देश के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ बहुत खुश हैं। उन्होंने ट्वीट करके लिखा है कि मोहंती के दौरे के बाद क्षिप्रा के साफ-सफाई और घाटों पर व्यवस्थाओं के मुकम्मल इंतजाम सराहनीय है। उन्होंने गंगा की सफाई करने वालों को संदेश दिया कि वे क्षिप्रा की सफाई और व्यवस्थाओं से सबक लें।

गुड गवर्नेंस के काम उज्जैन जिले तक ही सीमित नहीं रहेगा, पूरा मप्र जिम्मेदारी से काम करेगा

मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव सुधि रंजन मोहंती ने आज उज्जैन प्रवास के दौरान जिला प्रशासन द्वारा कम समय में जो काम किए गए हैं, उसकी तारीफ करते नहीं थके। उन्होंने राष्ट्रीय हिन्दी मेल से दूरभाष पर कहा- गुड गवर्नेंस और डिलेवरी सिस्टम को पुख्ता बनाने का काम केवल उज्जैन जिले तक ही सीमित नहीं है। मुख्य सचिव ने कहा उज्जैन में पिछले दिनों जिला प्रशासन और संभागीय आयुक्त द्वारा जिस तरह की असावधानी बरती गई थी, वह बर्दाश्त करने योग्य बिल्कुल नहीं थी, इसलिए कलेक्टर और कमिश्नर को तत्काल प्रभाव से बदल दिया गया। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश के सभी 52 जिले हमारे रडार पर हैं। हम गुड गवर्नेंस और डिलेवरी सिस्टम के मामले में जिला कलेक्टर या पुलिस कप्तान कोई भी हो, लापरवाही नहीं करेंगे। जैसे ही शिकायत मिली, सख्त कार्यवाही की जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ अपने लगातार कार्यक्रमों में केवल एक ही बात का जिक्र करते हैं कि मध्यप्रदेश में प्रशासन की नजरिए और सोच में बदलाव की जरूरत है। मुख्यमंत्री के इसी दृष्टिकोण को जमीनी स्तर पर साकार करने के लिए लगता है कि मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती पूरी तरह जुट चुके हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण मुख्य सचिव की आज उज्जैन यात्रा के दौरान तीनों घाटों का निरीक्षण और जिला कलेक्टर से लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव तक के नौकरशाहों को हाईप्रोफाइल दिशा-निर्देश देना ही पर्याप्त माना जा सकता है।