स्कूलों में 12वीं तक मोबाइल पर प्रतिबंध

सभी स्कूलों के लिए आदेश हुआ जारी, कड़ाई से पालन करने के निर्देश

रायपुर, 17 जनवरी। स्कूलों में अब स्टूडेंट मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। डीईओ ने सभी स्कूलों से प्रिंसिपल व हेडमास्टर को इस बाबत् निर्देश जारी कर दिया है। दरअसल लंबे समय से स्कूलों में मोबाइल बैन करने की बात चलती रही है।
कई दफा इस बाबत् विभाग की तरफ से निर्देश भी जारी किये गये थे, लेकिन कोई खास पहल नहीं हो पायी, लिहाजा अब डीईओ ने इस मामले पर अब कड़ा पत्र सभी स्कूलों को जारी किया है। दरअसल मोबाइल की वजह से कई बार शिकायतें भी सामने आयी थी, इसी बाबत् ये निर्देश जारी किया गया है। ये आदेश सिर्फ सरकारी के लिए नहीं बल्कि प्राइवेट व अनुदान व गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों के लिए भी होगा। आदेश में डीईओ एएन बंजारा ने लिखा है। शाला निरीक्षण के दौरान देखा गया है कि शालाओं में छात्र-छात्राओं के द्वारा मोबाइल का उपयोग किया जा रहा है, इससे अध्यापन कार्य और शालेय गतिविधियां प्रभावित होती हैं, ये भी संज्ञान में लाया गया है कि मोबाइल का दुरुपयोग किया जा रहा है, यह हानिप्रद है। अत: निर्देशित किया जाता है कि छात्र-छात्राओं को शालाओं में मोबाइल ना लाने के लिए समझाइश देकर प्रतिबंध लगाएं। तथा छात्र-छात्राओं व पालकों की युक्तिमुक्त काउंसिलिंग पर भी समय-समय पर कराया जाए।

अचानक होगी बैग की चैकिंग

अब शिक्षा विभाग की टीम अचानक स्कूलों में पहुंचकर बच्चों के बैग की जांच करेगी, किसी भी स्कूल के बच्चे के पास मोबाइल मिलने पर प्रबंधन से जवाब तलब किया जाएगा, अधिकारियों का कहना है कि अब स्कूलों को इस बात की जानकारी रखनी है कि कोई भी छात्र परिसर में मोबाइल लेकर न आ पाएं, एक अधिकारी ने कहा कि अगर कोई बच्चा तमाम प्रतिबंधों के बाद भी स्कूल में मोबाइल जैसे गैजेट्स लेकर आता है तो शिक्षकों को पैरेंट्स से बात करनी होगी, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर शिक्षा विभाग के निर्देशों का अध्यापकों और बच्चों द्वारा पूरी तरह से पालन नहीं किया जाता है कि सख्त कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी स्कूलों में 12वीं कक्षा तक मोबाइल लाने पर प्रतिबंध लगा हुआ है, इसके बावजूद शिक्षा विभाग के आला-अधिकारियों को बच्चों के बैग में मोबाइल लाने की जानकारी मिल रही है, जिसका असर उनकी पढ़ाई पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है, तमाम शिकायतों के बाद ही सरकारी और प्राइवेट स्कूल प्रबंधन को पत्र जारी किया गया है, विभाग की ओर से लिखी गई चि_ी में ये भी स्पष्ट कर दिया गया है कि अफसरों की एक टीम मोबाइल की जांच करने उडऩदस्ते की तरह निकलेगी। और अचानक किसी भी स्कूल में घुसकर बच्चों का बस्ता और जरूरत पडऩे पर जेब चेक किया जाएगा।