अब मत कीजिए गौर

सूबे के एक बड़े सियासतदार हैं, लम्बे समय तक नुमाइंदगी करने का अनोखा रिकॉर्ड भी बाबूजी के पास है। लेकिन कोई दो बरस पहले राजनैतिक साजिश का शिकार हुए और कुर्सी जाती रही। फिर इस बार विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर भी बड़ी तनातनी हुई। पार्टी छोडऩे तक की ललकार लगाई, तब जाकर अपने ही घर की टिकट फाइनल करा पाए। अब एक खबर ये भी आई कि सत्ता चला रही पार्टी के नेता ने उन्हें लोकसभा का चुनाव चिन्ह बदलकर लडऩे का ऑफर दे दिया। फिर क्या उम्रदराज नेताजी अचानक टीआरपी मैटेरियल बन गए। इसी चक्कर में दिल्ली से आए एक दूत ने साहब से मुलाकात की और बताया जा रहा है कि रिकॉर्ड तोड़ नेताजी का मन फिर बदल गया। ऐसे में खबर यह है कि सत्ताधारी दल के बड़े नेता ने सभी को हिदायत दे दी है कि उस गली में भी कोई नहीं जाए, जहां साहब रहते हैं और अब कोई उन पर गौर भी नहीं करे। . … खबरची