रहने को घर नहीं, जनता बनवाएगी अपने विधायक का आवास

प्रमुख संवाददाता
भोपाल, 28 जनवरी। कांग्रेस के दिग्गज और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामनिवास रावत को पराजित कर विधानसभा पहुँचाने वाले विजयपुर विधानसभा सीट के आदिवासी भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी वर्तमान दौर की राजनीति की सबसे जुदा तस्वीर हैं। वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के लिए सीताराम ने जो शपथ पत्र दिया है, उसके अनुसार उनके पास केवल 46,733 रूपए हैं, जिनमें से 25,000 नकद एवं 21,733 रूपये दो बैंक खातों में हैं। इसके अलावा, उनके पास 2.817 एकड़ जमीन एवं 600 वर्ग फुट की झोपड़ी है, जो उसे विरासत में मिले हैं। इनकी अनुमानित बाजार मूल्य करीब 5,00,000 रूपए है। सीताराम गरीबी के चलते अपनी पत्नी के साथ आज भी कच्चे मकान में रहते हैं। इस पूरी खबर का दूसरा स्याह सच यह भी है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर गरीबों को पक्के मकान दिए जाने का दावा करने वाली तत्कालीन प्रदेश की भाजपा सरकार और वर्तमान केंद्र सरकार के दावों में हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है। अब इससे इतर लेकिन विजयपुर के स्थानीय लोग नहीं चाहते कि उनका विधायक कच्चे मकान में रहे, लिहाजा लोगों ने आपसी सहयोग से चंदा करके पैसे इक_े किए हैं, जिससे सीताराम का पक्का मकान बनवा रहे हैं। सीताराम ने पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के कद्दावर नेता रामनिवास रावत को शिकस्त दी थी। सीताराम का इस सीट से यह लगातार तीसरा चुनाव था। वह वर्ष 2008 एवं 2013 में रामनिवास रावत (कांग्रेस) से भाजपा की टिकट पर हारे थे। सीताराम श्योपुर जिले के कराहल विकासखंड के पिपरानी गांव के रहने वाले हैं। इसी गांव में अब उनका दो कमरों का छोटा-सा पक्का मकान बनाया जा रहा है। उनकी कोई संतान नहीं है। विधायक सीताराम को चाहने वाले स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन लोगों को अच्छा नहीं लगता कि उनका जनप्रतिनिधि झोपड़ीनुमा घर में रहे। यही कारण है कि उनके चहेतों ने चंदा करके पक्का मकान बनाने की योजना बनाई है और इस पर अमल भी शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीताराम हमेशा उनके लिए संघर्ष करते रहे हैं। जब जहां जरूरत होती है, वे साथ जाने से नहीं हिचकते। इसीलिए सभी चाहते हैं कि विधायक उनके बीच रहें। यही कारण है कि लोगों ने उनका मकान बनाने के लिए चंदा इकठ्ठा किया है। वहीं, सीताराम की पत्नी इमरती बाई का कहना है कि उनके पति और परिवार लंबे अरसे से संघर्ष करता आ रहा है। अब दिन फिरे हैं। उम्मीद है कि आने वाले समय में उनकी स्थिति सुधरेगी और जीवन सुखमय होगा। सीताराम तो जनता के काम को ही अपना काम मानते हैं, इसलिए जनता भी उन्हें अपना मानती है।
इनका कहना है : विधायक सीताराम ने कहा मेरे पास पैसा नहीं है, इसलिए अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में रहता हूं। लोगों ने सहयोग के तौर पर पक्का मकान बनाने के लिए मुझे 100 से 1000 रुपए दिए हैं। ये पैसे लोगों ने मुझे विजयपुर सीट से जीतने के बाद स्वागत के दौरान दिए। इतना ही नहीं, विजयपुर में मुझे जनता ने सिक्कों से भी तौला है। इस रकम से मकान निर्माण का शुरू कर दिया गया है।
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