कांग्रेस सत्ता में आई तो हर गरीब को न्यूनतम आमदनी

इंदिरा के बाद राहुल गांधी बने गरीबों के मसीहा
रायपुर, 28 जनवरी। अपनी दादी और भारत की सबसे सफलतम प्रधानमंत्री में एक श्रीमती इंदिरा गांधी के बीस सूत्रीय योजना के माध्यम से गरीबी हटाने के सपने को साकार करने का बीढ़ा अब कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने उठाया है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राहुल ने यह घोषणा करते हुए कि यदि केन्द्र में कांग्रेस सत्ता में आती है तो हर गरीब परिवार को न्यूनतम आमदनी सुनिश्चत कर दी जाएगी। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राहुल गांधी का यह मास्टर स्ट्रोक देश के 68 करोड़ गरीबों को ध्यान में रखकर दिया गया जो आने वाले समय में एक गेमचेंजर के रूप में भी साबित हो सकता है।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को मिली जीत के बाद पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राजधानी रायपुर पहुंचे। राहुल ने यहां किसान आभार सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने एक आम जनसभा को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि तीन राज्यों में मिली जीत के बाद तय हो गया कि देश में मोदी सरकार के खिलाफ नाराजगी है। 2019 के चुनाव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने जनता से कहा कि अब हम वो करने जा रहे हैं, जो दुनिया में आज तक किसी भी सरकार ने नहीं किया होगा। उन्होंने कहा कि 2019 में कांग्रेस पार्टी की सरकार देश में हर नागरिक को न्यूनतम आमदनी की गारंटी देगी, इस दौरान राहुल ने कई मुद्दों पर छत्तीसगढ़ की पूर्व बीजेपी सरकार और केंद्र की मौजूदा मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा।
किसानों के कर्जमाफी पर राहुल गांधी ने कहा कि जब हम विपक्ष में थे तो हमने गरीबों के लिए आवाज उठाई किसानों के लिए बात की, किसानों के कर्जा की बात कही तो सरकार ने कहा कि पैसा नहीं है, सिर्फ छत्तीसगढ़ में नहीं बल्कि मध्य प्रदेश में भी हमने शिवराज सिंह से भी यहीं बात कही तो उन्होंने भी कहा कि पैसा नहीं है, उधर केंद्र में मोदी सरकार भी चुप रहते हैं, हमने उनसे पूछा कि देश के उद्योगपतियों के लिए खजाना खोल दिया जाता है, वो करोड़ों लेते हैं और फिर कहीं गायब हो जाते हैं।
राहुल गांधी ने कहा- छत्तीसगढ़ में बीजेपी के नेता 15 साल में नहीं कर पाए हमनें उसे 24 घंटे में कर दिया, राहुल गांधी ने कहा कि प्लानिंग होती है और कमिटमेंट होता है, हमने जनता से 10 दिनों की बात कही थी लेकिन भूपेश बघेल और मेरे बीच में बात हुई थी कि 2 दिन में किसानों का कर्जा माफ करना है और हमने 24 घंटे में ऐसा कर दिखाया, जब हम विपक्ष में थे तो हमने गरीबों के लिए आवाज उठाई किसानों के लिए बात की, किसानों के कर्जा की बात कही तो सरकार ने कहा कि पैसा नहीं है, सिर्फ छत्तीसगढ़ में नहीं बल्कि मध्य प्रदेश में भी हमने शिवराज सिंह से भी यहीं बात कही तो उन्होंने भी कहा कि पैसा नहीं है उधर केंद्र में मोदी सरकार भी चुप रहते हैं, हमने उनसे पूछा कि देश के उद्योगपतियों के लिए खजाना खोल दिया जाता है।
राफेल मामले का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि राफेल हवाई जहाज हिंदुस्तान में नहीं बनेगा, रोजगार हिंदुस्तान के युवाओं को नहीं मिला, और एक राफेल का दाम 1600 करोड़ रुपये भारत सरकार चुकाएगी, मोदी सरकार चाहती है कि गरीब आधी आधी रोटी खाए और अनिल अंबानी ज्यादा पैसा कमाए, ऐसा हिंदुस्तान हम नहीं बनने देंगे, चाहे कुछ भी हो जाए, भाषण की शुरुआत में राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं का धन्यवाद दिया, उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को मन से और दिल से धन्यवाद देता हूं, विचारधारा की लड़ाई में आपने पार्टी का साथ दिया. आपने अपना खून अपना पसीना संगठन को दिया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, आपने देखा, जो मैं कहता हूं, वो करके दिखाता हूं। फिर चाहे किसानों की कर्जमाफी हो, अधिग्रहित जमीन वापस करने का मामला हो। कांग्रेस ने मनरेगा में 100 दिन रोजगार दिया। सूचना का अधिकार दिया। अब हम ऐसा कदम उठाने जा रहे हैं, जो दुनिया की किसी सरकार ने नहीं किया। हमने निर्णय लिया है कि हिंदुस्तान के हर गरीब को 2019 के बाद कांग्रेस की सरकार न्यूनतम आय की गारंटी देने जा रही है।
छत्तीसगढ़ का चावल विदेशों में जाएगा : राहुल ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर किसानों और पंचायत से पूछकर जमीन ली जाएगी। अगर काम नहीं हुआ तो पांच साल में इसे वापस कर दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ देश का ही नहीं, पूरी दुनिया के धान का कटोरा बनेगा। यहां का चावल पूरी दुनिया में ले जाया जाएगा। हर किसी की डाइनिंग टेबल पर खाने के साथ छत्तीसगढ़ का चावल होगा। 60 साल पहले देश के लोगों का पेट नहीं भरता था। कांग्रेस ने हरित क्रांति की नींव रखी और किसानों के हित में काम किया।

भाजपा ने देश में दो भारत बना दिए

राहुल गांधी ने कहा- भाजपा नेता जो 15 सालों में नहीं कर पाए, वो कांग्रेस ने 2 दिन में कर दिया। देश में पैसे की कमी नहीं है। केंद्र सरकार एक उद्योगपतियों का और दूसरा गरीबों का भारत बनाना चाहती है। एक जहां, ललित मोदी, विजय माल्या जैसे लोगों को धन मिल जाएगा। अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपए। दूसरा वो देश हैं जहां हम आप हैं, जिन्हें कुछ नहीं मिल सकता। सिर्फ सुनने के लिए मन की बात मिल सकती है।