कांग्रेस में सोनिया गांधी महान क्यों….?

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सुप्रीमो तथा यूपीए की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी की महानता उस समय झलकी थी जब उन्हें प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिला और भाजपा की नेता श्रीमती सुषमा स्वराज ने यह कहकर विरोध किया कि इतालवी महिला को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा तो वे सिर मुंडवा लेंगी। श्रीमती सोनिया गांधी ने देश में साम्प्रदयिक तनाव के खतरे को महसूस करते हुए प्रधानमंत्री पद की कुर्सी त्यागकर डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया तब उनकी महानता देश की जनता के सामने आई। लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए वे कितना महान हैं इस विषय को जानना हो तो नागदा के विधायक दिलीप सिंह गुर्जर से मिलिए। वाक्या यह था कि एक बार मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राधाकिशन मालवीय ने दिलीप सिंह गुर्जर की टिकट काट दी, फिर भी वे निर्दलीय चुनाव लड़कर विधायक बन गए। विधायक बनने के बाद दिलीप सिंह गुर्जर सोनिया गांधी के पास गए और कहा कि मैं कांग्रेसी हूं और कांग्रेस में आना चाहता हूं। सोनिया गांधी ने तब मध्यप्रदेश के कद्दावर नेता सुरेश पचौरी से पूछा कि दिलीप सिंह की टिकट किसने काटी तो उन्होंने बताया कि सबने काटी। फिर सोनिया गांधी ने कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा से कहा कि दिलीप सिंह गुर्जर कांग्रेस में शामिल हो उससे पहले चुनाव में जितना भी खर्च हुआ है वह राशि दिलीप सिंह गुर्जर को लौटाई जाए। वोरा जी अटैची लेकर आए लेकिन दिलीप सिंह गुर्जर ने अटैची हाथ में लेते हुए सोनिया गांधी से कह दिया यह रकम पार्टी फंड में ले लीजिए, मैं कांग्रेसी हूं मुझे इस बात का गर्व है। दिलीप सिंह गुर्जर इस बार नागदा से फिर विधायक हैं और सोनिया गांधी की महानता के गुण गाते थकते नहीं …. खबरची