गाय के सहारे कांग्रेस चुनावी वैतरणी पार नहीं कर सकती

गौ माता पर राजनीति करना निंदनीय है : गोपाल भार्गव
भोपाल, 31 जनवरी। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि हमारे धर्म शास्त्रों में कहा जाता है कि गौ माता की सेवा से वैतरणी और भवसागर पार किया जा सकता है, लेकिन कांग्रेस अपने राजनीतिक हित साधने के लिए जिस तरह से गौ माता पर राजनीति कर रही है, वह निंदनीय है। कांग्रेस गौ माता के सहारे चुनावी वैतरणी पार करना चाहती है, जो कभी पूरी होने वाले नहीं हैं।
भार्गव ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में अपने वचन पत्र में झूठी घोषणाओं के सहारे जनता में भ्रम का वातावरण बनाकर वोट लेने का काम किया। लेकिन सरकार बनते ही कर्जमाफी, बेरोजगारी भत्ता जैसे अनेक विषयों पर अमल नहीं कर पाई, उल्टा कांग्रेस ने कर्ज माफी पर किसानों को अलग-अलग रंग के फार्म में उलझाने का काम किया। अब प्रदेश में 1 हजार गौशाला खोलने की घोषणा कर कांग्रेस सरकार जनता में फिर भ्रम फैलाने ओर वोट कबाडऩे की कोशिश कर रही है, लेकिन अब जनता कांग्रेस के जाल में फंसने वाली नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गौ माता की सेवा के लिए गौ संवर्धन बोर्ड की स्थापना की। गौ वंश के संवर्धन ओर संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए। इस दिशा में भाजपा सरकार ने धरातल पर काम किया, जबकि कांग्रेस सरकार की बिना तैयारी और बिना डीपीआर के सिर्फ 4 माह में 1 हजार गौशाला खोलने की बात कोरी गप्पबाजी और आधारहीन है। उन्होंने कहा कि गौ माता पर राजनीति करके कांग्रेस सिर्फ पाप का भागीदार ही बन सकती है।
गौशाला खोलने की बात सिर्फ दिखावा
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद 31 दिसंबर को पहली बार अपने गृह जिला छिंदवाड़ा के दौरे पर गए कमलनाथ जी ने विभागीय अफसरों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान कहा था कि उन्हें गौ माता प्रदेश की सड़क पर नहीं दिखनी चाहिए। जिसके बाद 16 से 21 जनवरी के बीच भोपाल में गाय पकडऩे का अभियान चलाया गया। लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद आज भी गौ माता सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह राजधानी में पायलेट प्रोजेक्ट सिर्फ दिखावा साबित हुआ, उसी प्रकार 1 हजार गौशाला खोलने की बात भी दिखावा और मात्र राजनीतिक गौ भक्ति है।