सरकारी खर्चे पर कुंभ मेला जाएंगे 3600 तीर्थ-यात्री : कमलनाथ

मुख्यमंत्री की पहल पर 12 फरवरी से यात्रा होगी प्रारंभ

भोपाल, 31 जनवरी। मुख्यमंत्री कमलनाथ की पहल पर 12 फरवरी से प्रयागराज कुंभ मेला के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना के अंतर्गत विशेष ट्रेन रवाना होगी। इसमें रवाना हो रहे 3600 तीर्थ-यात्री कुंभ मेले का पुण्य लाभ ले सकेंगे।
हबीबगंज रेलवे स्टेशन से 12 फरवरी को यात्रा की शुरूआत होगी। बुरहानपुर से 14 फरवरी, शिवपुरी से 22 फरवरी और परासिया से 24 फरवरी को कुंभ मेला के लिए विशेष ट्रेन रवाना होंगी। इनमें भोपाल, विदिशा, सागर, दमोह, बुरहानपुर, खण्डवा, हरदा, जबलपुर, परासिया, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, इटारसी, कटनी, नरसिंहपुर के तीर्थ-यात्री शामिल होंगे। प्रत्येक ट्रेन में तीर्थ-यात्रियों की देख-रेख के लिए दस-दस सुरक्षाकर्मी साथ रहेंगे। यात्रा पांच दिन की होगी। हबीबगंज से जाने वाली ट्रेन में भोपाल, विदिशा, सागर और दमोह के 900 तीर्थ-यात्री शामिल होंगे। बुरहानपुर से रवाना हो रही ट्रेन में बुरहानपुर-खण्डवा-हरदा जबलपुर के 900, शिवपुरी-अशोकनगर-कटनी के 900 और परासिया से जाने वाली ट्रेन में परासिया-छिंदवाड़ा-बैतूल-इटारसी-होशंगाबाद-नरसिंहपुर के 900 तीर्थ-यात्री यात्रा में शामिल होंगे। यात्रियों के लिए भोजन, चाय, नाश्ता, रूकने की व्यवस्था और तीर्थ-स्थल तक बसों से ले जाने और लाने के लिए गाइड की व्यवस्था रहेगी। कुंभ जाने वाले तीर्थ-यात्रियों से अपने व्यक्तिगत उपयोग की सामग्री अपने साथ रखने के लिए कहा गया है।

कैबिनेट की बैठक आज
जय किसान ऋण माफी सहित अन्य प्रस्तावों पर होगी चर्चा
मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल परिषद की बैठक शुक्रवार को शाम 6 बजे राज्य मंत्रालय में बुलाई गई है। बैठक में जय किसान ऋण माफी योजना, महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा, ग्राम पंचायत स्तर पर खुलने वाली गौ-शाला को लेकर भी कैबिनेट की बैठक में चर्चा की जा सकती है। सूत्रों के अनुसार बैठक में जय किसान ऋण माफी योजना में हो रही गड़बडिय़ों एवं नई रेत नीति के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जा सकती है।

नए स्वरूप में आज से शुरू होगा वंदे मातरम् गीत
बैंड बाजों के साथ शौर्य स्मारक से मंत्रालय तक निकालेंगे रैली
मध्यप्रदेश में हर महीने की पहली तारीख को होने वाला राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् एक फरवरी से नए स्वरूप में फिर से शुरू होगा। 1 फरवरी को सुबह 10:30 बजे मंत्रालय के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी मंत्रियों के साथ सामूहिक वंदे मातरम् गीत का गायन करेंगे। इसके लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इस बार साज-बाज के साथ वंदे मातरम् गीत का गायन होगा। मंत्रालय में पदस्थ सभी प्रमुख सचिव को भी गीत में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली तारीख को 13 साल से चली आ रही परंपरा को बंद कर दिया गया था। जिसको लेकर विपक्षी दल भाजपा ने पुरजोर विरोध किया था। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मंत्रालय के सामने सामूहिक रूप से वंदे मातरम गीत गाया था। भाजपा के विरोध के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वंदे मातरम् गायन को नए स्वरूप में शुरू करने की घोषणा की थी। गीत को बंद किए जाने के पीछे यह तर्क दिया गया था कि इसमें कर्मचारियों की रुचि नहीं है और फिजूलखर्ची हो रही है। लेकिन भाजपा के विरोध के बाद सरकार ने वंदे मातरम गीत को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है।
यह रहेगी व्यवस्था
गान से पहले शौर्य स्मारक से वल्लभ भवन पार्क तक सुबह 10:30 बजे एक रैली निकाली जाएगी। इसमें पुलिस बैंड साथ रहेगा। वहीं वल्लभ भवन पार्क में संस्कृति विभाग की तरफ से कलाकार वंदे मातरम गान प्रस्तुत करेंगे। यहां मप्र पर्यटन विकास निगम द्वारा एक पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके अलावा पर्यटन निगम की तरफ से एक फूड कोर्ट सजाने का भी प्रस्ताव है, ताकि आयोजन में आने वाले लोग अपनी पसंद के व्यंजनों का स्वाद ले सकें।
14 साल पहले शुरू हुआ था
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने 1 जुलाई, 2005 से मंत्रालय में वंदे मातरम गान की शुरुआत की थी। तब से हर महीने की पहली तारीख को इसे गाया जाता था। इसमें कई बार तत्कालीन मुख्यमंत्री, सामान्य प्रशासन विभाग के मंत्री, मुख्य सचिव और अन्य मंत्रीगण शामिल होते आए हैं।

वंदे मातरम् में शामिल होंगे जनसम्पर्क मंत्री
जनम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा माह की पहली तारीख को होने वाले वंदे मातरम कार्यक्रम में शामिल होंगे। पुलिस बैंड के साथ प्रात: 10.40 बजे शौर्य स्मारक से आम जनता के साथ शर्मा वल्लभ भवन, मंत्रालय के लिये रवाना होंगे। प्रात: 11 बजे मंत्रालय में सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में वंदेमातरम् का गायन होगा।