तबादलों के जरिए मध्यप्रदेश में अराजकता का माहौल: शिवराज


तबादलों को लेकर कमलनाथ सरकार पर साधा निशाना
भोपाल, 11 फरवरी।
मध्यप्रदेश में नई सरकार बनने के बाद से हो रहे तबादलों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जब से कमलनाथ सरकार के हाथों में प्रदेश की बागडोर आई है, तब से तबादलों का दौर जारी है। आए दिन अफसरों के तबादले हो रहे हैं। अब तक करीब दर्जनों की तादाद में अफसरों के तबादले हो चुके हैं। शिवराज ने कहा कि बार-बार के तबादलों से अफसरों का मनोबल गिरता है। तबादलों के जरिए प्रदेश में अराजकता का माहौल बन रहा है। मुख्यमंत्री के नाम पर कोई सुपर पावर तबादलों में जुटा हुआ है। 15 दिन में अफसर को बदल देने से प्रशासनिक व्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब शिवराज ने कमलनाथ सरकार को आड़े हाथों लिया हो।जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है, तब से शिवराज लगातार सरकार के फैसलों और कानून-व्यवस्था को लेकर भी कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा है। शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलने का समय मांगा है। वे किसानों के मुद्दे पर मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे और प्रदेश में धान खरीदी में किसानों की शिकायतों की जानकारी देंगे। शिवराज ने किसान कर्ज माफी के मामले में कांग्रेस सरकार से स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है और 10 दिन में कर्ज माफी के ऐलान पर अमल नहीं होने पर सवाल उठाए हैं। वहीं कमलनाथ सरकार में वित्त मंत्री तरुण भनोट ने तबादलों पर बयान दिया है कि सरकार बदलती है तो अधिकारी भी बदलते हैं। ऐसा पहली बार किसी राज्य में नहीं हो रहा है। बीजेपी शासनकाल मे भी अधिकारियों के तबादले होते थे। उन्होंने कहा कि सरकार में कोई सुपर पावर नहीं है। सीएम कमलनाथ 9 बार लगातार सांसद रहे हैं, उन्हें किसी सुपर पावर की जरूरत नहीं है।