महाकौशल के विकास का रोड मैप तैयार होगा


56 वर्ष बाद पहली बार

विजय कुमार दास
जबलपुर, 15 फरवरी।
अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री स्व. पंडित द्वारिका प्रसाद मिश्र जिन्हें बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का चाणक्य कहा गया था। उन्होंने पहली बार महाकौशल के विकास को लेकर जबलपुर में अपने मंत्रिमंडल के साथियों के साथ चर्चा की थी। संस्कारधानी कहलाने वाला जबलपुर उच्च न्यायालय और मेडिकल कॉलेज के अलावा विकास का कोईरोड मैप आज तक तैयार ही नहीं कर पाया। लेकिन कल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने कानूनी सलाहकार राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा की अहमियत एवं सलाह को ध्यान में रखते हुए तथा 9 बार संसदीय क्षेत्र छिंदवाड़ा से चुनाव जीतने के बाद महाकौशल क्षेत्र का सबसे बड़ा क्षत्रप होने को स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ पहली बार 56 साल बाद जबलपुर में अपने 28 मंत्रियों के साथ महाकौशल के विकास का रोड मैप तैयार करेंगे।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कल होने वाले मंत्रिमंडल की जबलपुर में बैठक के लिए राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा और वित्त मंत्री तरुण भनोत से विस्तारपूर्वक चर्चा की है। बताया जाता है कि 28 हजार करोड़ के घाटे में विरासत में मिली सरकार के वित्तीय प्रबंधन को लेकर गंभीर विचार विमर्श किया जाएगा। और तद्नुसार 18 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र में प्रस्तुत करने के लिए संतुलित बजट का प्रावधान किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार 12 प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। जिसमें राजस्व के आय व्यय के साथ-साथ कमलनाथ सरकार का प्रस्तुत होने वाला पहला बजट महाकौशल के विकास के रोड मैप को तय करेगा। वित्त मंत्री तरुण भनोत से राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि ने बातचीत की तब उन्होंने बहुत ही भरे मन से कहा कि मैं शहीद अश्विनी काछी परिवार से मिलकर आ रहा हूं और उम्मीद है कि कल होने वाली बैठक महाकौशल के विकास में महत्वपूर्ण साबित होगी।

विजय कुमार दास
जबलपुर, 15 फरवरी।
अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री स्व. पंडित द्वारिका प्रसाद मिश्र जिन्हें बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का चाणक्य कहा गया था। उन्होंने पहली बार महाकौशल के विकास को लेकर जबलपुर में अपने मंत्रिमंडल के साथियों के साथ चर्चा की थी। संस्कारधानी कहलाने वाला जबलपुर उच्च न्यायालय और मेडिकल कॉलेज के अलावा विकास का कोईरोड मैप आज तक तैयार ही नहीं कर पाया। लेकिन कल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने कानूनी सलाहकार राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा की अहमियत एवं सलाह को ध्यान में रखते हुए तथा 9 बार संसदीय क्षेत्र छिंदवाड़ा से चुनाव जीतने के बाद महाकौशल क्षेत्र का सबसे बड़ा क्षत्रप होने को स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ पहली बार 56 साल बाद जबलपुर में अपने 28 मंत्रियों के साथ महाकौशल के विकास का रोड मैप तैयार करेंगे।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कल होने वाले मंत्रिमंडल की जबलपुर में बैठक के लिए राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा और वित्त मंत्री तरुण भनोत से विस्तारपूर्वक चर्चा की है। बताया जाता है कि 28 हजार करोड़ के घाटे में विरासत में मिली सरकार के वित्तीय प्रबंधन को लेकर गंभीर विचार विमर्श किया जाएगा। और तद्नुसार 18 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र में प्रस्तुत करने के लिए संतुलित बजट का प्रावधान किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार 12 प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। जिसमें राजस्व के आय व्यय के साथ-साथ कमलनाथ सरकार का प्रस्तुत होने वाला पहला बजट महाकौशल के विकास के रोड मैप को तय करेगा। वित्त मंत्री तरुण भनोत से राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि ने बातचीत की तब उन्होंने बहुत ही भरे मन से कहा कि मैं शहीद अश्विनी काछी परिवार से मिलकर आ रहा हूं और उम्मीद है कि कल होने वाली बैठक महाकौशल के विकास में महत्वपूर्ण साबित होगी। महाकौशल के विकास का रोड मैप तैयार होगा
56 वर्ष बाद पहली बार