मप्र में कमलनाथ सरकार का लेखानुदान आज पारित होगा


मुख्यमंत्री ने कहा था अभी तो ये ट्रेलर है, फिल्म दिखाना बाकी है, मतलब कमलनाथ फिल्म आज से देखिए
किसानों की कर्जमाफी पर बकौल शिवराज सिंह चौहान-हंगामे के आसार

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास


मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ की अगुवाई में कांग्रेस की सरकार के सत्तारूढ़ होने के बाद यह पहला विधानसभा सत्र होगा, जिसमें 89000 करोड़ का लेखानुदान प्रस्ताव पारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ के निवास पर आज शाम विधायक दल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि कांग्रेस के सभी विधायक और सरकार के समर्थन में आए निर्दलीय या अन्य दलों के विधायक आवश्यक रूप से मौजूद रहेंगे। कांग्रेस विधायक दल के नेता के नाते कमलनाथ ने सचेतक के माध्यम से एक व्हिप भी जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि सरकार के स्वस्थ संचालन के लिए बजट लेखानुदान प्रस्ताव सदन में बहुमत से ही पास किया जाएगा। हालांकि अध्यक्षीय आसंदी से विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति हां की जीत हुई न की हार हुई, व्यवस्था के अंतर्गत ध्वनिमत से बजट लेखानुदान प्रस्ताव को पास करेंगे। सूत्रों के अनुसार कल शाम विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस विधायकों से कहा है कि सदन की परंपराओं तथा मर्यादाओं का संपूर्ण रूप से ध्यान रखा जाए और कोई भी विधायक किसी भी हालत में धैर्य न खोएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष 15 सालों बाद सत्ता से बाहर आकर पहली बार हल्ला बोल कुर्सी पर बैठेगा लेकिन हमें किसी भी हालत में विपक्ष को हमले का मौका बिल्कुल ही नहीं देना है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने अपनी पार्टी के विधायकों से कल से शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र में उपस्थिति और तैयारी के लिए ताकीद किया है।
स्मरण हो कि कमलनाथ ने सत्ता में आने के बाद कहा था कि यह तो ट्रेलर है, फिल्म अभी बाकी है। इसका मतलब साफ है कि आज से कमलनाथ की फिल्म शुरू हो जाएगी। जानकारों का कहना है कि वैसे तो विधानसभा सत्र 18 से 21 फरवरी तक निर्धारित है लेकिन समझा जाता है कि 20 तारीख की शाम तक यह कमलनाथ सरकार का प्रथम सत्र समाप्त हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को वित्तमंत्री तरुण भनोत चार महीने के लिए अंतरिम बजट पेश करेंगे। डेढ़ महीने बाद लोकसभा चुनाव को देखते हुए बजट में आम जनता को राहत देने ेकी घोषणा वित्त मंत्री कर सकते हैं। सत्र 21 फरवरी तक चलेगा। सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। विपक्ष सरकार को किसानों के कर्जमाफी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर घेरेगा। चार दिन के इस सत्र के लिए विधायकों ने 727 प्रश्न विधानसभा सचिवालय को भेजे हैं। बताया जा रहा है कि बजट सत्र में 89 हजार करोड़ रुपए का हो सकता है लेखानुदान हो सकता है। विधानसभा में लाए जाने वाले करीब 70 हजार करोड़ के लेखानुदान और थर्ड सप्लीमेंट्री बजट की राशि 18 हजार करोड़ रुपए को मिला लें तो कुल 89439 हजार करोड़ के वोट एन अकाउंट को मंजूरी दे दी गई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कमलनाथ सरकार का बजट प्रदेश की आम जनता को राहत देने वाला होगा।
सरकार जय किसान ऋण माफी योजना के बाद किसानों को रियल टाइम वॉलेट देने का ऐलान भी कर सकती है। किसानों को प्रति एकड़ फसल के हिसाब से लिमिट मिल सकती है, ताकि किसान पैसे ना होने पर खाद बीज वॉलेट के जरिए खरीद सकें। उद्योगों को बढ़ावा देने नगरीय निकायों व उद्योग विभाग द्वारा अलग-अलग लिए जाने वाले प्रॉपर्टी टैक्स में सरकार राहत दे सकती है, वहीं राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार शराब के साथ विलासिता की वस्तुओं पर टैक्स को बढ़ा सकती है। सरकार चालू वित्तीय वर्ष के लिए तृतीय अनुपूरक बजट भी प्रस्तुत कर सकती है।

विधानसभा अध्यक्ष ने लिया जायजा
इस चार दिवसीय सत्र में तीन बैठकें प्रस्तावित हैं। मंगलवार को संत रविदास जयंती के कारण अवकाश रहेगा। इसके अलावा सोमवार, बुधवार और गुरूवार को बैठकें प्रस्तावित हैं, जिनमें प्रश्नोत्तर और शासकीय कार्य पूरे किए जाएंगे। सत्र के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने विधानसभा में की जा रही सत्र संबंधी तैयारियों का आज जायजा लिया। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह और विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। प्रजापति ने बताया कि पंचदश् विधान सभा की द्वितीय सत्र अधिसूचना जारी होने से अब तक विधान सभा सचिवालय में कुल 727 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त् हुई है, जबकि ध्यानाकर्षण की 167, स्थगन की 8, शून्यकाल 64 तथा याचिकाएं 3 प्राप्त हुई। उल्लेखनीय है कि पंचदश् विधान सभा के प्रथम बार नव-नियुक्त सदस्यों ने 309 प्रश्न लगाये है, इसी तरह स्थगन एवं ध्यानाकर्षण, शून्य काल की सूचनाओं में नवनियुक्त संख्या अधिक है।

विशेष रिपोर्ट के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।