मुख्यमंत्री बताएं किसके एजेंडे पर चल रही प्रदेश सरकार: राकेश सिंह

भोपाल, 19 फरवरी। मुख्यमंत्री कमलनाथ को यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदेश सरकार किस के एजेंडे पर चल रही है? सरकार कांग्रेस के एजेंडे पर चल रही है, मुख्यमंत्री कमलनाथ के एजेंडे पर चल रही है, या फिर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के एजेंडे पर चल रही है, जो इन दिनों सुपर सीएम की तरह हर मामले में दखलंदाजी कर रहे हैं। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा प्रदेश के गृहमंत्री एवं वन मंत्री द्वारा विधानसभा में दी गई जानकारी को लेकर फटकार लगाए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही। विधानसभा सत्र के दौरान सोमवार को गृह मंत्री बाला बच्चन ने यह स्वीकारा था कि मंदसौर गोलीकांड के लिए सरकार या प्रशासन जिम्मेदार नहीं था, पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी। वहीं, वन मंत्री उमंग सिंघार ने यह जानकारी दी थी कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कार्यकाल में नर्मदा किनारे हुए पौधरोपण में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई। इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोमवार को मीडिया से चर्चा के दौरान दोनों मंत्रियों द्वारा दी गई जानकारी को गलत बताते हुए उन्हें फटकार लगाई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि ये समझ में नहीं आता कि प्रदेश में कितने मुख्यमंत्री और सरकार चला कौन रहा है।
सिर्फ वोट के लिए उठाए थे मुद्दे: प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि मंदसौर गोलीकांड को लेकर भारतीय जनता पार्टी का शुरू से यह कहना रहा है कि वहां पुलिस ने उपद्रवियों की भीड़ पर आत्मरक्षा में गोलियां चलाई थीं। लेकिन कांग्रेस ने उस समय सिर्फ राजनीति और भोले-भाले किसानों को भड़काने के लिए इसे मुद्दा बनाया था। इसी तरह भाजपा की सरकार द्वारा नर्मदा संरक्षण के लिए तटवर्ती क्षेत्रों में पौधरोपण का काम भी पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया था। लेकिन कांग्रेस इस आयोजन पर भी सिर्फ राजनीति करने के लिए सवाल उठाती रही, जबकि पौधे लगाने के अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया था। सिंह ने कहा कि अब कांग्रेस की सरकार द्वारा इन दोनों मुद्दों पर पूर्व सरकार को क्लीन चिट दिए जाने से कांग्रेस का ही झूठ उजागर हो गया है।
सरकार चला कौन रहा है?: प्रदेश अध्यक्ष सिंह ने कहा कि दिग्विजय सिंह द्वारा अपनी ही सरकार के मंत्रियों को गलत बताने से भारतीय जनता पार्टी की यह बात साबित हो गई है कि इस सरकार में कई मुख्यमंत्री हैं। सिंह ने कहा कि इस सरकार में बाहर से भले ही एक मुख्यमंत्री दिखाई देता हो, लेकिन इसके अंदर सत्ता के कई केंद्र हैं, जिनमें से दिग्विजय सिंह भी एक हैं। ये सत्ता केंद्र अपने-अपने हिसाब से सरकार को चला रहे हैं, इनके पास प्रदेश की जनता को लेकर कोई सोच नहीं है।
सरकार पर हावी पार्टी की खींचतान: सिंह ने कहा कि कांग्रेस कई गुटों में बंटी हुई है और विपक्ष में रहते हुए भी इन गुटों में खींचतान चलती रही है। अब सरकार में आने के बाद भी पार्टी की यह अंदरूनी खींचतान थमी नहीं है, बल्कि सरकार पर भी हावी हो रही है। इसी के चलते दिग्विजय सिंह ने गृह मंत्री बाला बच्चन को मंदसौर गोलीकांड के बहाने नीचे दिखाने की कोशिश की है, क्योंकि गृहमंत्री कांग्रेस की राजनीति में मुख्यमंत्री कमलनाथ के गुट से आते हैं। कुछ ऐसा ही गणित वन मंत्री उमंग सिंघार को पौधरोपण के मामले में दी गई जानकारी को लेकर फटकारने के पीछे भी रहा है।
लोकतंत्र का अपमान कर रहे दिग्विजय: प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि मंत्रियों द्वारा दी गई जानकारी को गलत बताकर दिग्विजय सिंह वास्तव में लोकतंत्र का अपमान कर रहे हैं। सरकार के दोनों मंत्री जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं और एक लोकतांत्रिक सरकार के मंत्री हैं। उन्होंने जो जानकारी विधानसभा में दी, दिग्विजय सिंह उस जानकारी को नकार रहे हैं। ऐसा करते समय उन्होंने लोकतांत्रिक मर्यादाओं का भी ध्यान नहीं रखा।