18 राज्यों में 50 केन्द्रीय विद्यालय खुलेंगे


केंद्रीय कैबिनेट से प्रस्ताव को मिली मंजूरी

नयी दिल्ली, 7 मार्च (वार्ता)। देश के 18 राज्यों में 50 केन्द्रीय विद्यालय खोले जाएंगे। मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में समिति की बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यह जानकारी पत्रकारों को दी। इस फैसले से करीब 50 हजार छात्रों का दाखिला इन स्कूलों में हो सकेगा। जेटली ने कहा कि ये केन्द्रीय विद्यालय अर्ध सैनिक क्षेत्रों और उन इलाकों में खोले जायेंगे
जहाँ रेलवे कर्मचारियों की संख्या अधिक है। कुछ स्कूल गृह मंत्रालय तो कुछ रेलवे मंत्रालय द्वारा बनाये जायेंगे। कुछ राज्य तथा केंद्र शासित क्षेत्र द्वारा बनाये जायेंगे और ये कई नक्सल प्रभावित इलाकों में बनेंगे। वित्त मंत्री ने बताया ये स्कूल असम, बिहार, हरियाणा, छतीसगढ़, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, राजस्थान आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र तथा उड़ीसा में खोले जायेंगे। उन्होंने कहा ये विद्यालय केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल तथा भारत तिब्बत सीमा सुरक्षा बल, सीमा सशस्त्र बल के परिसरों में खोले जाएंगे। इसके अलावा रेलवे कालोनियों में भी खोले जाएंगे। नक्सल इलाकों में गढ़चिरौली, क्योंझर, गंजम, रायगढ़ आदि में खोले जायेंगे।

शैक्षणिक संस्थानों में 200 पॉइंट रोस्टर फिर लागू होगा

मोदी कैबिनेट ने शैक्षणिक संस्थानों में नियुक्ति में आरक्षण लागू करने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद नियुक्तियों में आरक्षण के लिए दोबारा 200 पॉइंट रोस्टर लागू होगा। इसके मुताबिक अब यूनिवर्सिटी और कॉलेज को यूनिट माना जाएगा। यूजीसी ने मार्च 2018 में 13 पॉइंट रोस्टर लागू किया था,
इसमें विभाग को यूनिट माना जाता है।
यूजीसी ने पिछले साल मार्च में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अप्रैल 2017 के फैसले को लागू किया था। इसके मुताबिक पदों पर आवंटन की गिनती करते वक्त एक विभाग को यूनिट के तौर पर लिया जाता है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने मानव संसाधन मंत्रालय की याचिका को खारिच कर दिया था, जो हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गई थी। जावड़ेकर ने 11 फरवरी को लोकसभा में कहा था कि सरकार पुनर्याचिका रद्द होने के बाद अध्यादेश ला सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि सरकार संस्थानों में रिजर्वेशन रोस्टर को फिर से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। जावड़ेकर ने कहा था कि सरकार 200 पॉइंट रोस्टर लागू करेगी, जिससे पदों पर आवंटन की गिनती करते वक्त यूनिवर्सिटी या कॉलेज को यूनिट के तौर पर माना जाएगा, न कि किसी एक विभाग को।