76 दिनों में हमने वचन-पत्र के 83 बिन्दुओं को लागू किया : कमलनाथ


15 मई के बाद मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे, कइयों ने भाजपा का बिल्ला जेब में रखकर काम किया, आतंकवाद के नाम पर देश को गुमराह कर रहे प्रधानमंत्री

मुख्य संवाददाता
भोपाल, 7 मार्च।
नए मंत्रिमंडल के गठन को मात्र 76 दिन हुए हैं, इन 76 दिनों में हमने प्रदेश के सभी वर्गों को कुछ न कुछ लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है। 25 दिसम्बर को जिस हालत में हमें प्रदेश मिला था, उस समय प्रदेश किसानों की आत्महत्या में नंबर वन था, बेरोजगारी में नंबर वन था और बलात्कार में नंबर वन था। तिजोरी खाली थी, यह बात खुद भाजपा नेताओं ने स्वीकार की है। इन विपरीत परिस्थितियों में हमने अपनी प्राथमिकताएं तय कीं। सबसे पहले हम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कदम उठाएंगें। यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रालय में पत्रकार वार्ता में कही।
मुख्यमंत्री अपनी सरकार के द्वारा अल्पसमय में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों और उपलब्धियों के बारे में बता रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा किसानों की क्रय शक्ति बढ़ाने के लिए उपाय किए, प्रदेश की 70 प्रतिशत आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है, छोटे व्यापारी बाजार की गतिविधियां तभी चलती हैं, जब किसानों के हाथों में क्रय शक्ति हो। कल शाम तक प्रदेश के 25 लाख किसानों का कर्जा माफ हो जाएगा। इनमें 1 लाख किसान ऐसे हैं, जिनकी मृत्यु हो गई है उनके परिजनों के नाम कर्जा माफ किया गया है। हमारा लक्ष्य है मध्यप्रदेश के 50 लाख किसानों का कर्जा माफ करने का और यह कार्य हम उस स्थिति में कर रहे हैं, जब सरकार की तिजोरी खाली है। मुख्यमंत्री ने कहा- हमारी सरकार को मात्र 76 दिन ही हुए हैं, कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण एक लम्बी प्रक्रिया है और उसका एक मैथड है। पिछले 15 सालों में मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था ठप्प रही थी। उसी का परिणाम है कि अपराधियों के हौंसले बुलंद हैं। कमलनाथ ने कहा, जब हम सरकार में आए तो प्रदेश के आर्थिक हालत बदतर थे। पूर्ववर्ती सरकार ने अपने वित्तीय कुप्रबंधन और अति महत्वाकांक्षाओं के चलते प्रदेश की आर्थिक स्थिति को इस हालत में पहुंचाया। केन्द्र सरकार ने हमारी वित्तीय स्थिति को और अधिक कमजोर किया है और विभिन्न योजनाओं के दो हजार करोड़ रुपये कम कर दिये हैं। इसके बावजूद नई सरकार की जो प्राथमिकताएँ हैं, वचन-पत्र के जो बिन्दु हैं, वो उसकी पूर्ति करेंगे। कर्जमाफी के साथ हमने अन्य राहत भी प्रदेश के लोगों को दी है। इंदिरा गृह ज्योति योजना से घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक की खपत पर अधिकतम 100 रुपये के बिजली बिल की सुविधा। 100 रुपये से कम बिजली बिल होने पर वास्तविक राशि ही देय। 100 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग होने पर सरल बिजली बिल स्कीम की तरह अधिकतम मात्र 200 रुपए बिजली बिल देय होगा।
इस योजना से प्रदेश के 62 लाख लोग लाभान्वित। मुख्यमंत्री ने कहा हमारे प्रदेश में 50 प्रतिशत आबादी पिछड़े वर्ग की है। पूर्ववर्ती सरकार में जो मुख्यमंत्री नेतृत्व करते थे, पिछड़े वर्ग का उन्होंने यह काम क्यों नहीं किया, मैं नहीं जानता। हमने पिछड़ो वर्गों को 27 प्रतिशत आरक्षण और सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए हमने कैबिनेट की सब कमेटी बनायी है, जो इसे कैसे लागू किया जाए, इस पर अपना सुझाव देगी। पदोन्नति में आरक्षण का मामला कोर्ट में है इसका शीघ्र से शीघ्र निर्णय हो, इसका प्रयास करेंगे। नई सरकार बनने के बाद हमारा पहला लक्ष्य था व्यवस्था में परिवर्तन करना। इसके लिए हमने गुड-गवर्नेंस पर सुझाव देने के लिये कमेटी गठित की है। कमेटी के सुझाव के बाद हम आचार संहिता के दौरान जो संभव होगा, वो सुधार करेंगे और बाकी काम आचार संहिता के बाद। कमलनाथ ने कहा, मध्यप्रदेश के औद्योगिक वातावरण में सुधार लाने के लिए मैंने एक गोलमेज कांफ्रेंस उद्योगपतियों के साथ की, जिन्होंने पहले से प्रदेश में निवेश किया है। इस कांफ्रेंस में सभी प्रकार के बड़े मझौले और छोटे उद्योगों से जुड़े प्रतिनिधियों से चर्चा हुई। मेरा मानना है कि सबसे पहले हम प्रदेश में स्थापित मौजूदा उद्योगों की समस्याओं का समाधान करें। अगर हमने यह नहीं किया तो नया निवेश करने पर कोई विश्वास नहीं करेगा। हमने निर्णय लिया कि निवेश नीति तो होगी लेकिन इसके साथ ही हम सेक्टर आधारित निवेश नीति बनाएंगे। गोलमेज कांफ्रेंस में हमें बहुत सारे सुझाव प्राप्त हुए हैं। उन सुझावों के आधार पर हम इन्दौर में कन्फेक्शनरी पार्क स्थापित करने जा रहे हैं। इन्दौर में कन्फेक्शनरी का बहुत बड़ा व्यापार है। इस उद्योग से जुड़े लोगों ने हमें आश्वस्त किया है कि इस पार्क के बनने से हम एक साल में 40 हजार लोगों को रोजगार देंगे। हम मध्यप्रदेश को आर्टिफिसियल इन्टेलीजेंस का केन्द्र बनाएंगे, गारमेंट का केन्द्र बनाएंगे। मध्यप्रदेश के पास जो खनिज संपदा है, इसका हम उपयोग करेंगे। आदिवासी वित्त विकास निगम और अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम से एक लाख तक का कर्ज लेने वालों का कर्ज माफ किया जाएगा। इस निर्णय से 83 प्रतिशत लोग लाभान्वित होंगे।
यह वह कर्जा है, जो कई वर्ष पूर्व लिया गया था और विभिन्न कारणों से यह लोग कर्ज चुकाने में असमर्थ थे। इससे यह लोग एक नई शुरुआत कर पाएंगे। पान की खेती करने वालों को 500 बांस फ्री दिये जाएंगे। एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा- जनअभियान परिषद की जानकारी से सभी लोग परिचित हैं, यह संस्था किसलिए बनी थी और इसका उपयोग क्या किया गया। 1993 में जब यह संस्था बनी थी तब उसकी क्या भूमिका और कार्य प्रणाली थी और आज क्या है। सरकारी राशि का अपने संगठन के लिए राजनीतिक उपयोग करना बहुत गलत है। सिर्फ जनअभियान परिषद ही नहीं, कई संगठनों ने सरकारी धन का राजनीतिक कार्य के लाभ लिए, उपयोग पूर्ववर्ती सरकार ने किया। जो व्यक्ति राजनीतिक आधार पर जनअभियान परिषद में है वह वहां नहीं रह सकता। किसानों के खाते में दो हजार डालने की केन्द्र सरकार की घोषणा- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब 2014 में चुनाव कैम्पेनिंग कर रहे थे तो उन्होंने हर गरीब और किसान के खाते में 15 लाख रुपये डालने की बात कही थी। वह किसान पांच साल 15 लाख का इंतजार करते रहे। अब मोदी सरकार उन्हें राहत के नाम पर दो हजार रुपये पहली किश्त के रूप में देने की घोषणा कर रही है। हमसे सूची मांगी है। हम योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को चिन्हित कर रहे हैं। सूची बनाने में वक्त लगता है। मोदी सरकार को अगर किसानों की इतनी ही चिंता थी तो चुनाव घोषणा के पंद्रह दिन पहले ही घोषणा क्यों की। एक साल पहले कर देते तो किसानों को लाभ मिल जाता। जहां तक योजना की बात है तो यह योजना किसानों का मजाक उड़ाना है। उन्होंने कहा कि 15 लाख देने की बात की गई थी, कहां लागत का 50 प्रतिशत मूल्य देने की बात कही थी और अब वे किसानों को 6 हजार रुपए दे रहे हैं।

आतंकवाद के नाम पर देश को गुमराह कर रहे प्रधानमंत्री
आज सर्जिकल स्ट्राइक्स पर शक-शंका क्यों हो रही है। पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक्स हुए हैं लेकिन वो न राजनैतिक रूप प्रचारित हुए हैं और न ही उन पर कोई सवाल खड़े हुए हैं। पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद दो सर्जिकल स्ट्राइक्स हुई है, उसके ऊपर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसियों ने अपनी खोज परक रिपोर्ट में सर्जिकल स्ट्राइक्स के बाद किये गये दावों पर सवाल उठाए हैं। हमारे वायु सेना अध्यक्ष ने कहा कि हमे टारगेट दिया जाता है और हम उस टारगेट पर काम करते हैं। उनका कहना भी सही है कि उनके हमले के बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी उन्हें नहीं होती। लेकिन आज किसी भी एक्शन के बाद कई ऐसी व्यवस्थाएँ हैं, जो उनके प्रभाव को रिकार्ड करती हैं। जीपीएस सिस्टम है, सेटेलाइट फोटोग्राफी है, जो सारी गतिविधियों को रिकार्ड करती है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को क्या परहेज है कि वो सर्जिकल स्ट्राइक्स को देश के सामने नहीं रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जो चीज पाकिस्तान में हुई है जिसे पाकिस्तान जानता है उस सच्चाई को हमारे देश के नागरिकों बताने में प्रधानमंत्री मोदी को क्यों परहेज है? पाकिस्तान पर यह हमला हुआ है। उनसे कोई जानकारी तो गुप्त है। नहीं फिर उसको अगर हमारे देश के लोग जानें तो इसमें ऐतराज क्या? भारत सरकार को सर्जिकल स्टाइक्स के बारे में खुलासा करना चाहिए, उन्हें बताना चाहिए यह इमारतें थीं, यह कैम्प था, इतने लोग मरे, इसका खुलासा करने में क्या परेशानी है।
मुख्यमंत्री के बुलावे पर सलमान खान आएंगे
राजनीतिक विषयों और 76 दिन में हुए कामों से अलग हटकर एक जानकारी देना चाहता हूं, आप सभी को पता है कि सलमान खान इन्दौर से हैं, मैंने उनसे फोन पर चर्चा की कि आप मध्यप्रदेश के हैं, आपका मध्यप्रदेश में क्या योगदान है। सलमान खान ने कहा कि मैं पूरी मदद करूँगा, टूरिज्म और हेरिटेज के क्षेत्र में वे काम करेंगे। 1 अप्रैल, 2019 से 18 अप्रैल तक वे मध्यप्रदेश में रहेंगे।

भाजपा का बिल्ला जेब में रखकर काम किया
पूर्ववर्ती सरकार में कई अफसरों और कर्मचारियों ने भाजपा का बिल्ला जेब में रखकर काम किया है। ऐसे अधिकारियों का ट्रांसफर जरूरी है। 15 साल बाद जब नई सरकार आयी है तो यह स्वाभाविक है कि कई ट्रांसफर होते हैं। यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जरूरत पड़ी तो और भी ट्रांसफर किये जाएंगे।

महत्वपूर्ण प्रश्नों के रोचक उत्तर
*15 मई के बाद मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे- लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी चुनाव नहीं जीतेगी। आप लोग 15 मई के बाद कोई भी तारीख चुन लीजिए, हम लोग इसी जगह पर मिलेंगे। तब देश के प्रधानमंत्री मोदी नहीं रहेंगे।
* उमा भारती जी से मेरी चर्चा केन-बेतवा के मुद्दे पर हुई- उमा भारती जी कल मुझसे मंत्रालय में मिली थीं, उन्होंने आरएसएस के संबंध में दिये बयानों पर मुझसे कोई चर्चा नहीं की। वे सिर्फ केन-बेतवा योजना को लेकर चर्चा करने आयीं थी।

  • पूर्ववर्ती सरकार के गलत कामों पर कार्यवाही होगी- पूर्ववर्ती सरकार में जो भी अनियमितताएँ और गलत काम हुए हैं वह हमारी प्राथमिकता तो नहीं है लेकिन हम उस पर कार्यवाही जरूर करेंगे। हमारी प्राथमिकता सबसे पहले जरूरतमंद वर्ग को लाभान्वित करने की है।
  • ई-टेंडर घोटाले पर कार्रवाई होगी- ई-टेंडर घोटाले के मामले में हाल ही में हमारे पास सीईआरटी की रिपोर्ट आई है, जो पिछले छह महीनों से नहीं आई थी। ईओडब्ल्यू इसमें जांच करके पूरी कार्रवाई करेगा।