कमलनाथ और भूपेश बघेल पिछड़ी जाति को 27 प्रतिशत आरक्षण देकर इलेक्शन गेमचेंजर लागू करेंगे


मध्यप्रदेश में 18 सीटों पर और छत्तीसगढ़ में 7 सीटों पर लोकसभा जीतने कांग्रेस की पक्की रणनीति

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक अहम राजनैतिक फैसला लिया है जिसके तहत दोनों राज्यों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व पर पिछड़ी जाति के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा और केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए सामान्य वर्ग के 10 प्रतिशत आरक्षण भी दोनों राज्यों में लागू होगा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तो पिछड़े वर्ग के लोगों को 27 प्रतिशत आरक्षण देकर मध्यप्रदेश के 18 लोकसभा सीटों को कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने के लिए बाध्य कर दिया है। जातीय समीकरण के आधार पर मध्यप्रदेश में 46.68 प्रतिशत पिछड़ी जाति के लोग निवास करते हैं, जबकि सामान्य वर्ग का अनुपात मध्यप्रदेश में मात्र 12.9 प्रतिशत है। वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश में आदिवासियों की आबादी 25.31 प्रतिशत है और अनुसूचित जाति के लोगों का अनुपात 16 प्रतिशत है। कमलनाथ ने जातीय समीकरण को मध्यप्रदेश को इतने बेहतर ढंग से समझा है उसका अनुमान लगाना भी मुश्किल है। आपको जानकर यह आश्चर्य होगा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ आज मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा क्षेत्रों की जातीय समीकरण के आधार पर एक सर्वे रिपोर्ट तैयार हो गयी है। संभवत: प्री इलेक्शन सर्वे डाक्यूमेंट तैयार करने वाले कमलनाथ सबसे पहले मुख्यमंत्री होंगे। सूत्रों के अनुसार कमलनाथ ने मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती तथा आदिम जाति कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के नौकरशाहों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे हंै कि मध्यप्रदेश में पिछड़ी जाति के लोगों को 27 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाए और यह उनका निर्णय अन्य प्रदेशों में भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चुनाव के पहले लागू कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्य सचिव सुनील कुजूर और अपने प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी के साथ पिछड़े वर्ग के लोगों को छत्तीसगढ़ में भी मध्यप्रदेश के तर्ज पर 27 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय किया जा सकता है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में जातीय समीकरण के आधार पर पिछड़े वर्ग की आबादी 40 प्रतिशत है जबकि सवर्णों की आबादी 16 प्रतिशत है।
रहा सवाल आदिवासियों की आबादी का तो छत्तीसगढ़ की आबादी 30.62 प्रतिशत है जबकि अनुसूचित जाति के लोगों की आबादी 12.82 प्रतिशत है। छत्तीसगढ़ के जातीय समीकरण को यदि भूपेश बघेल ने बेहतर ढंग से समझ लिया है तो स्वयं पिछड़ी जाति के होने के कारण छत्तीसगढ़ राज्य में इस वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला चुनाव आचार संहिता लागू होने के पहले लिया जाएगा। यदि ऐसा निर्णय दोनों राज्यों में समान रुप से लागू होता है तो मध्यप्रदेश में 18 लोकसभा सीटें और छत्तीसगढ़ में 7 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस की विजय को नहीं रोका जा सकेगा। सूत्रों के अनुसार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा 27 प्रतिशत पिछड़े वर्ग के आरक्षण के निर्णय से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बेहद खुश हंै और राहुल गांधी मानते हैं कि इस तरह का इलेक्शन गेम चेंजर प्लान पूरे देश में लागू होना चाहिए।

विशेष रिपोर्ट के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।