मंदिर निर्माण की सभी बाधाओं को जल्द दूर किया जाए


ग्वालियर में प्रतिनिधि सभा की बैठक के दौरान आरएसएस का आह्वान

ग्वालियर, 9 मार्च। आरएसएस ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक के दौरान अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर हैरानी जताई। ग्वालियर में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की प्रतिनिधि सभा की बैठक में मंदिर निर्माण में आने वाली रुकावटों को दूर करने की अपील की गई है। ग्वालियर में 8 से 10 मार्च तक संघ प्रतिनिधि सभा की बैठक का आयोजन किया गया है। साथ ही आरएसएस ने हिंदुओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए उम्मीद जताई कि जल्द से जल्द मंदिर निर्माण की सभी बाधाओं को दूर कर लिया जाएगा। अयोध्या विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता का रास्ता अपनाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद के सर्वमान्य समाधान के लिए यह बड़ा फैसला दिया। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने 3 सदस्यीय पैनल भी गठित कर दिया है। आरएसएस ने सबरीमाला मंदिर मामले का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि आखिर न्याय प्रक्रिया तेज किए जाने के बावजूद राम जन्मभूमि मामले का समाधान क्यों अब तक नहीं निकल पाया है। हालांकि आरएसएस ने यह भी कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था में पूरा भरोसा है लेकिन इस मामले का हल जल्द निकलना चाहिए और मंदिर निर्माण के लिए आने वाली बाधाओं को दूर किया जाना चाहिए। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की ग्वालियर में तीन दिवसीय बैठक के दौरान आरएसएस ने इन मुद्दों को उठाया। आरएसएस ने अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी के क्रम में सबरीमाला मंदिर का उदाहरण दिया। आरएसएस ने कहा, इस मामले में (सबरीमाला) किसी भी पक्ष यहां तक कि पीठ की एकमात्र महिला सदस्य के विचार को भी तवज्जो नहीं दिया गया। वहीं दूसरी तरफ राम जन्मभूमि का मामला लंबे समय से लंबित है। कानूनी प्रक्रिया तेज होने के बावजूद अब तक समाधान नहीं निकला और अब सुप्रीम कोर्ट का रुख हैरान करने वाला है। आरएसएस ने कहा कि यह समझ से परे है कि हिंदुओं की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले को सुप्रीम कोर्ट ने प्राथमिकता नहीं दी। आरएसएस ने दो-टूक कहा, हमें लगता है कि हिंदुओं की लगातार उपेक्षा हो रही है। न्याय व्यवस्था में भरोसा जताते हुए आरएसएस ने उम्मीद जताई की राम मंदिर मामले में जल्द समाधान निकलेगा और मंदिर निर्माण के लिए सभी बाधाओं को दूर कर लिया जाएगा। इधर चुनाव में शत-प्रतिशत मतदान हो, इसके लिए स्वयंसेवक समाज में लोगों के बीच जाकर जन जागरण करेंगे, संघ ने कार्यकर्ताओं की भूमिका भी स्पष्ट कर दी है। उन्हें ये स्पष्ट संकेत है कि विधानसभा चुनाव में हुई चूक को भूलकर जनजागरण अभियान के रूप में लोकसभा चुनाव के लिए काम में जुटना है।
अमित शाह पहुंचे ग्वालियर, संघ की बैठक में होंगे शामिल : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में शामिल होने ग्वालियर पहुंच गए हैं। अमित शाह की अगवानी केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने की। एयरपोर्ट पर भाजपा नेताओं के औपचारिक स्वागत के बाद अमित शाह राष्ट्रीय आरएसएस की बैठक में भाजपा का एजेंडा रखने के लिए केदारधाम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के लिए रवाना हो गए हैं। अमित शाह दो दिन यही रहेंगे। लोकसभा चुनाव की घोषणा से ऐन पहले हो रही इस बैठक में जहां संघ के अपने एजेंडा पर चर्चा होने के बाद कई प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। वहीं चुनाव की दृष्टि से कार्यकर्ताओं को काम में जुटने का संदेश भी दिया जाएगा। लोकसभा चुनाव से पहले हो रही संघ की इस सभा को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें देश से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होगी, इसके साथ ही आतंकवाद को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच बनी स्थिति पर भी चर्चा होनी है। इसके साथ ही अयोध्या मसले पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।