मोहंती और वी.के. सिंह के हवाले अब पूरा मध्यप्रदेश


निष्पक्ष चुनाव के लिए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ने संभाली कमान

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास

लोकसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गयी है ,चूंकि मध्यप्रदेश में चुनाव अंतिम के चार चरणों 29 अप्रैल से लेकर 19 मई तक संपन्न कराये जायेंगे। ऐसे में प्रदेश में आदर्श आचार संहिता काफी लम्बे समय तक प्रभावी होगी और कानून व्यवस्था को बनाये रखने की बड़ी चुनौती भी सामने होगी। इसी को मद्देनजर रखते हुए मध्यप्रदेश के प्रशासनिक मुखिया सुधिरंजन मोहंती और पुलिस के मुखिया वी के सिंह ने पूरे प्रदेश के आलाधिकारियों आचार संहिता पालन में कोई भी कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यसचिव सुधीरंजन मोहंती ने सभी संभागायुक्त और जिला कलेक्टरों को कहा है कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव को संपन्न कराने में शासन के सभी अंगों का इस्तेमाल किया जाये। पटवारी से लेकर आरआई तक यह सन्देश पहुंच जाना चाहिए कि किसी को अनावश्यक परेशान करने के लिए राजनैतिक दबाव से सीमांकन और बटांकन भी नहीं किए जाएँ। शासकीय सम्पतियों का उपयोग राजनैतिक दलों के लाभ के लिए न हो और संपत्ति विरूपण की कार्यवाही में भी पक्षपात नहीं दिखाई देना चाहिए। वैसे मुख्यसचिव सुधीरंजन मोहंती देश के उन अधिकारियों में शुमार हैं , जिनका सेवाकाल सर्वाधिक है। इस लिहाज से चुनाव सञ्चालन और संपादन दोनों ही काम उनके लिए चुनौती दिखाई नहीं देते। प्रशासन में सबसे वरिष्ठ होने के बावजूद उन्हें चुनाव के दौरान मैदानी स्तर पर होने वाली तकलीफों का पता है। यही वजह है कि उन्होंने आदर्श आचार संहिता के पालन के नाम पर आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों के बारे में भी अधिकारियों को ताकीद करते हुए कहा है कि लोकतंत्र के इस महोत्सव का आनंद तभी है ,जब प्रदेश की जनता भी इस राष्ट्रीय पर्व में शत – प्रतिशत सहभागी हो। इसके लिए जरूरी है कि किसी भी नागरिक को अनावश्यक परेशान करने से बचें। मध्यप्रदेश में मतदान दिवस पर रिकॉर्ड वोटिंग हो इसा बात की चिंता और नवाचार करने के लिए आमनागरिकों को जोड़ा जाना चाहिए। इधर पिछले विधानसभा चुनाव में कार्यकारी पुलिस महानिदेशक के रूप प्रदेश में सर्वाधिक सफल चुनाव का संचालन कराने वाले वर्तमान पुलिस महानिदेशक वीके सिंह के लिए लोकसभा चुनाव कराना पुराने अनुभव को फिर रिहर्सल करने जैसा ही है। विधानसभा चुनाव के दौरान वीके सिंह ने जिस प्रकार से संवेदनशील मतदान केन्दों और मतगणना के बाद होने वाली संभावित गड़बडिय़ों को रोकने का पूरा खाका खींच लिया था उसी वजह से प्रदेश में कहीं भी कोई अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई।पुलिस महानिदेशक उसी ब्लूप्रिंट को फिर लोकसभा चुनाव में उपयोग करने वाले हैं। उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि लाइसेंसी शस्रों को 48 घंटे के अंदर थानों में जमा करा लिया जाए और अवैध हथियारों का सप्लाई करने वाले चिन्हित गिरोहों को नेस्तनाबूद कर दें। असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए साथ ही हिस्ट्रीशीटर और जिलाबदर के बदमाशों पर पूरी नकेल कसकर यह सन्देश दिया जाए कि अमनपसंद आमनागरिक अपने मताधिकार के प्रयोग के लिए पूरी तरह से महफूज है। पुलिस महानिदेशक के इन निर्देशों का प्रभाव भी पूरे प्रदेश में दिखने लगा है। पुलिस महानिदेशक ने भापाल, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, खण्डवा, बुरहानपुर, सिहोर जैसे जिलों में अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों पर सीसीटीवी के उपयोग तथा पैनी निगरानी रखने का भी निर्देश दिया है। चौकस पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ प्रदेश की ,जिलों की सीमाओं पर सघन तलाशी अभियान चला रही है। अपराधियों की धरपकड़ भी तेज हुई है और चिन्हित बदमाश प्रदेश छोड़कर जाने की फिऱाक में हैं।इस रिपोर्ट को लब्बेलुआब यह है कि आदर्श आचार संहिता के नाम पर आम नागरिकपरेशान नहीं होंगे और असामाजिक तत्व बच नहीं पाएंगे यह सन्देश देने की कोशिश मुख्य सचिव सुधीरंजन मोहंती और पुलिस महानिदेशक वीके सिंह ने मध्यप्रदेश की जनता को देने की कोशिश की है ,जिसका सकारात्मक परिणाम देखने मिलने लगा है। समझा जाता है कि मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक की निष्पक्षता से जुड़ी प्रशासनिक निर्देशों से सभी राजनीतिक दल के मुखिया संतुष्ट है।
विशेष रिपोर्ट के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।