नगर भ्रमण कर कोलार में विराजे भगवान मत्स्य


निकली शोभायात्रा, हुए भजन-कीर्तन और भंडारे
निज संवाददाता
भोपाल, 13 मार्च।
मीना समाज के आराध्य देव भगवान मत्स्य बुधवार को कोलार में स्थायी रूप से नयापुरा स्थित पहाड़ी मंदिर परिसर में बने अपने भवन में विराजमान हो गए हैं। प्रभु की मूर्ति स्थापना के इस आयोजन के साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाव मंदिर परिसर में उमड़ हुआ था।
कार्यक्रम के आयोजक समाजसेवी श्यामसिंह मीना ने बताया कि समाज के आराध्य देव भगवान मत्स्य की प्रतिमा की भोपाल जिले में पहली स्थापना की गई है। पूरे विधि विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान मत्स्य की प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन पूरी श्रद्धा और उमंग के साथ संपन्न हुआ।
प्रभु दर्शन को उमड़ा जन सैलाव: भगवान मत्स्य अपने भवन में विराजमान होने से पहले नगर भ्रमण के लिए निकले। सैंकड़ों श्रद्धालू महिला पुरुषों ने ढोल-नगाड़े-डीजे,बैंडबाजे और रंग बिरंगी आतिशबाजी के साथ कलश एवं नगर भ्रमण शोभायात्रा निकाली।
शोभायात्रा पहाड़ी मंदिर से आरंभ होकर भोपानगरी, अकबरपुर, नयापुरा, निर्मला देवी मार्ग, राजहर्ष कालोनी मार्केट, ललिता नगर मार्केट और आम्र विहार कालोनी आदि क्षेत्रों से निकली,प्रभु मत्स्य के स्वागत,दर्शन और अगवानी लेने के लिए रहवासी अपने घर के दरबाजे पर पलक बिछाए खड़े थे। महिलाओं ने घर को रंग बिरंगे फूलों की माला और रंगोली से सजाए रखा था। प्रभु की शोभायात्रा पर रहवासी और व्यापारियों ने फूल बरसाए। नगर भ्रमण करते हुए भगवान मत्स्य की शोभायात्रा वापस पहाड़ी मंदिर पहुंची जहां वैदिक अनुष्ठान और मंगल गीतों के साथ प्रभु अपने भवन में विराजित हुए।
इसके बाद कन्याभोज,भंडारा और महाप्रसाद का वितरण किया गया।