सबने कहा साधना सिंह को लड़ाओ, लेकिन मोदी माने तब…


विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास

मध्यप्रदेश की विदिशा संसदीय क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर के आयातीत उम्मीदवारों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा सुरक्षित रखा, जिसके चलते पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और उनके बाद विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज ताजा उदाहरण है। लेकिन विदिशा संसदीय क्षेत्र अब भारतीय जनता पार्टी के लिए बावजूद इसके कि यह क्षेत्र हिन्दू महासभा का गढ़ है बाहर के उम्मीदवारों के लिए भाजपा अब आसानी से जीतने का भ्रम नहीं पाल सकती। इसी के चलते विदिशा और रायसेन जिले के 8 विधानसभा क्षेत्रों के जीते-हारे भाजपा के सभी विधायक उम्मीदवारों ने एक सुर में यह प्रस्ताव पारित किया है कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमत्री शिवराज सिंह चौहान जिस संसदीय क्षेत्र से 5 बार लोकसभा सांसद चुने जा चुके हैं, उनकी प्रतिछाया अर्थात् शिवराज सिंह चौहान की अर्धांगिनी श्रीमती साधना सिंह हर हालत में सबसे बेहतर और जिताऊ उम्मीदवार साबित होंगी। 8 विधानसभा क्षेत्र के विधायक उम्मीदवार तो छोडि़ए भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता ने और संगठन के सभी पदाधिकारियों ने यह मान लिया कि साधना सिंह को ही मैदान में उतारा जाए। उल्लेखनीय है कि विदिशा संसदीय क्षेत्र में 8 में से 6 विधायक भारतीय जनता पार्टी से चुनाव सिर्फ शिवराज ब्रांड पर ही जीत कर आए हैं। 2018 में मिली विदिशा लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी के मत प्रतिशत का आंकड़ा भी भाजपा के पक्ष को मजबूत बताता है और यही कारण है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी पत्नी श्रीमती साधना सिंह की उम्मीदवारी पर खुली प्रतिक्रिया जाहिर करने के बजाए उन्हें मौन समर्थन देने का फैसला किया है। शिवराज सिंह चौहान के सूत्रों का कहना है कि यदि श्रीमती साधना सिंह ने भाजपा उम्मीदवार के रूप में लोकसभा का चुनाव लड़ा तो शिवराज सिंह चौहान उनके पक्ष में या तो पदयात्रा करेंगे या फिर कार्यकर्ताओं के भरोसे चुनाव मैदान छोड़ पूरे मध्यप्रदेश में भाजपा का धुंआधार प्रचार करेंगे। पूर्व लोकनिर्माण मंत्री और सिलवानी के विधायक रामपाल सिंह ने राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि को दिल खोलकर कहा कि हम सबने मिलकर 8 विधानसभा क्षेत्र में यदि साधना भाभी को उम्मीदवार बनाया जाता है तो उन्हें जिताने के लिए जी-जान से काम करेंगे।
परंतु हमने जब दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं के कुछ ोतों से मध्यप्रदेश की इस विधानसभा क्षेत्र में श्रीमती सुषमा स्वराज की दांवेदारी की असमर्थता के बाद किसको उम्मीदवार बनाकर पैराशूट से भेजा जाएगा सवाल पूछा तो एक बहुत बड़े नेता के हवाले से यह खबर आई कि आपको पता होगा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ सिर्फ और सिर्फ परिवार वाद को लेकर अपना चुनावी बिगुल बजा रहे हैं। इसलिए हो सकता है कि विदिशा संसदीय क्षेत्र में श्रीमती साधना सिंह कितनी भी मजबूत उम्मीदवार हो नरेन्द्र मोदी परिवार वाद के खिलाफ अपना पक्ष जरूर रखेंगे। ऐसी स्थिति में भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व किसी ऐसे कद्दावर नेता को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला कर सकती है, जो एनडीए की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाने के लिए सक्षम होगा। यह राष्ट्रीय नेता कौन होगा फिलहाल यह विषय भाजपा मुख्यालय के गर्भ में है। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सहमति के बिना विदिशा संसदीय क्षेत्र के उम्मीदवार इस बार नरेन्द्र मोदी भी तय कर पाएंगे ऐसा संभव नहीं दिखाई देता। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि विदिशा से 6वीं बार शिवराज सिंह चौहान स्वयं चुनाव लड़ेंगे या फिर जैसा कि रामपाल ने कहा श्रीमती साधना सिंह के लिए सब तैयार है तो फिर हमें इंतजार करना होगा कि आखिर भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा शिवराज सिंह चौहान के अहमियत को कितने महत्व के साथ उनकी परंपरागत लोकसभा क्षेत्र विदिशा में कायम रहने दिया जाएगा।