वल्र्ड कप : पाकिस्तान के साथ मैच को लेकर गंभीर सख्त

देशवासियों को भी दी खास सलाह

नई दिल्ली, 18 मार्च। भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने सोमवार को कहा कि बीसीसीआई या तो पाकिस्तान के साथ सारे क्रिकेट संबंध तोड़ ले या हर स्तर पर उसके साथ खेले क्योंकि ‘सशर्त प्रतिबंध नहीं हो सकता। पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ हर स्तर पर संबंध तोडऩे की मांग करने वाले गंभीर ने कहा कि भारतीय बोर्ड को तय करना है और उसके परिणाम झेलने के लिए तैयार रहना होगा। इसके साथ ही गंभीर ने कहा कि अगर फाइनल में भारत-पाकिस्तान के बीच मैच होता है तो हमें फाइनल छोड़ देना चाहिए। हाल ही में पद्मश्री से नवाजे गए गंभीर ने ‘फनगेज डाट काम के प्रचार कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से कहा, ‘सशर्त प्रतिबंध नहीं हो सकता। या तो पाकिस्तान के साथ पूरे क्रिकेट संबंध तोड़ लिए जाएं या हर स्तर पर खेले। पुलवामा में जो हुआ, वह कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, ‘भारत के लिए आईसीसी टूर्नामेंटों में पाकिस्तान का बहिष्कार कर पाना मुश्किल होगा लेकिन एशिया कप में हम उनसे नहीं खेलें। गंभीर ने आगे कहा कि पाकिस्तान के साथ हर स्तर पर ताल्लुकात खत्म होने चाहिए भले ही खेल जगत इसका बहिष्कार कर दे। बीसीसीआई ने आईसीसी से अपील की थी कि आतंक को पनाह देने वाले देशों से ताल्लुक तोड़ लिए जाए लेकिन आईसीसी बोर्ड ने दुबई में हुई बैठक में यह अनुरोध खारिज कर दिया। गंभीर ने इंग्लैंड का हवाला दिया जिसने राबर्ट मुगाबे सरकार के खिलाफ विरोध के तहत जिम्बाब्वे के साथ राउंड राबिन मैच नहीं खेला था। उन्होंने कहा, ‘इंग्लैंड ने 2003 में ऐसा किया और वे जिम्बाब्वे नहीं गए। बीसीसीआई अगर पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलने का फैसला लेता है तो दो अंक गंवाने के लिए मानसिक तौर पर तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा, ‘इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं और संभव है कि हम सेमीफाइनल में क्वालीफाई नहीं कर सके। मीडिया को भारतीय टीम को दोष नहीं देना चाहिए अगर वह पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलती है तो। यह पूछने पर कि फाइनल में दोनों टीमों की टक्कर होने पर क्या होगा, गंभीर ने कहा कि ऐसे में भारत को फाइनल छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘दो अंक अहम नहीं है। देश अहम है। जिन 40 जवानों ने शहादत दी, वे क्रिकेट मैच से अधिक महत्वपूर्ण थे। यदि हम विश्व कप फाइनल भी छोड़ देते हैं तो देश को इसके लिए तैयार रहना चाहिए। गंभीर ने कहा, ‘समाज का एक तबका कहता है कि खेलों को राजनीति से नहीं जोडऩा चाहिए लेकिन जवान क्रिकेट के खेल से अधिक अहम हैं। लोकसभा चुनाव में भाजपा से टिकट मिलने की अटकलों के बीच गंभीर ने कहा कि अभी उन्होंने इस बारे में सोचा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘पूरी जिंदगी मैं क्रिकेट खेलता रहा। मैने लोगों से सुना है कि पूर्णकालिक राजनीति इंसान को बदल देती है। मेरी 2 छोटी बेटियां है और मुझे उनके साथ समय बिताना है। मैंने भी अटकलें सुनी है लेकिन मैं फिलहाल आईपीएल के दौरान स्टार स्पोटर्स पर कमेंट्री कर रहा हूं।