भाजपा के सभी सांसदों की टिकट कटी

पार्टी का बड़ा फैसला, सभी सीटों पर अब उतारेगी नए प्रत्याशी
रायपुर, 19 मार्च।
लोकसभा चुनाव भाजपा ने अपनी सभी 10 सांसदों के टिकट को काटने का फैसला लिया है। इस बार सभी 11 सीटों पर नये उम्मीदवारों को भाजपा टिकट देने जा रही है। आज दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद भाजपा के प्रदेश प्रभारी अनिल जैन ने इस बात का ऐलान किया। छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों सहित प्रत्याशियों की पहली सूची भाजपा आज ही देर रात या फिर कल तक जारी कर सकती है। आज रात 9 बजे भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक खत्म हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ सहित पहले और दूसरे चरण में देश भर में होने वाले लोकसभा सीटों के प्रत्याशियों को लेकर चर्चा हुई। बैठक में जो फैसला लिया गया, वो भाजपा के मौजूदा सांसदों को बैचेन करने वाला है। भाजपा ने इस बात का फैसला लिया है कि सभी 11 सीटों पर इस बार नये चेहरे को मौका दिया जायेगा। अनिल जैन ने बिना लाग लपेट के दो टूक कहा कि भाजपा सभी के सभी 11 सीटों पर अपने कंडीडेट उतारेगी, नये चेहरों को मौका मिलेगा। इस ऐलान के बाद भाजपा की अंदरुनी सियासत में हलचल तेज हो गयी है। इससे पहले भी छत्तीसगढ़ बीजेपी के लोकसभा उम्मीदवारों के नाम को लेकर आलाकमान से राज्य के नेताओं की चर्चा हुई थी, लेकिन बताते हैं कि केंद्रीय सर्वे और प्रदेश संगठन की ओर से भेजे गए नामों में अंतर होने की वजह से राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने नए सिरे से नाम लाने के निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा था कि राज्य के नेता दिल्ली में ही अलग से बैठक कर नाम लेकर आये. राष्ट्रीय नेतृत्व एक-एक सीट पर कदम फूंक-फूंक कर निर्णय कर रहा है, लिहाजा उम्मीदवारी को लेकर हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक ने किसी भी सांसद को रिपीट नहीं करने का निर्णय लिया गया.
ये हैं अभी सांसद : रायपुर से रमेश बैस, रायगढ़ से विष्णुदेव साय, राजनांदगांव से अभिषेक सिंह, कोरबा से बंशीधर महतो, जांजगीर से कमला पाटले, सरगुजा से कमलभान सिंह, बिलासपुर से लखनलाल साहू, महासमुंद से चंदूलाल साहू, बस्तर से दिनेश कश्यप, कांकेर से विक्रम उसेंडी।

तो क्या माना जाए राजनांदगांव से लड़ेंगे डॉक्टर रमन ?

सियासी गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा आम है कि केंद्रीय नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह को लोकसभा चुनाव लड़ाना चाहता है. संगठन के आला नेता मानते हैं कि रमन ही राजनांदगांव सीट से बीजेपी के उम्मीदवार होंगे. अब सवाल उठता है कि सबसे चर्चित सीट रायपुर से कौन होगा? रमेश बैस इस सीट से लगातार 7 बार सांसद निर्वाचित हुए है. कुर्मी समाज से जुड़े है, लिहाजा जातिगत समीकरणों के रूप में भी उनकी दावेदारी हर बार मजबूत रही है. प्रदेश में कुर्मी समाज की लामबंदी के बीच ये तय माना जा रहा था कि बैस ही बीजेपी से एक बार फिर रायपुर लोकसभा सीट के उम्मीदवार होंगे, लेकिन यदि मौजूदा सांसद को रिपीट नहीं किये जाने की खबरों को सच माने तो बैस की टिकट कट गई. इसी तरह केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय रायगढ़ सीट से लगातार जीत दर्ज करते आये हैं,लेकिन उनकी टिकट पर भी खतरा मंडरा रहा है।