तोमर, शिवराज, राकेश सिंह समेत सभी उतर जाएं मैदान में

मोदी को चाहिए मध्यप्रदेश से 25 सीटें, चाहे
हृदेश धारवार, 9755990990
भोपाल, 19 मार्च।
अब की बार 29 पार के नारे के साथ लोकसभा चुनाव में उतर रही मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी पिछले पखवाड़े से प्रत्याशियों के नामों को लेकर लगातार बैठकें कर रही है। चुनाव प्रबंध समिति के अलावा प्रत्याशी चयन के लिए बनाई गई समिति भी दो से तीन बार बैठकें कर चुकी है। भारतीय जनत पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व का फोकस इस बार मध्यप्रदेश किसी भी कीमत पर 25 सीटें जीतने का है, इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंक सेवक संघ और भाजपा ने तय कर लिया है कि प्रदेश की लोकसभा सीटों से नरेन्द्र सिंह तोमर, शिवराज सिंह चौहान, राकेश सिंह, सुमित्रा महाजन, थावरचंद गहलोत, प्रहलाद पटेल, भूपेन्द्र सिंह, फग्गनसिंह कुलस्ते, राजेन्द्र शुक्ल, रीति पाठक, गणेश सिंह, मनोहर ऊंटवाल, चिंतामन मालवीय, सत्यनारायण जटिया, जयभान सिंह पवैया, भागीरथ प्रसाद, ज्ञानसिंह, जयंत मलैया, सुधा मलैया, संजय पाठक सभी लड़ जाएं, लेकिन हर हाल में मध्यप्रदेश से भाजपा को 25 सीट मिलनी ही चाहिए। इसी लक्ष्य को लेकर लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों के नाम को तय करने के लिए आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में करीब तीन घंटे तक बैठक चलती रही। लेकिन प्रत्याशियों के नाम पर सहमति नहीं बन पाई। पार्टी के वरिष्ठ नेता अपने-अपने पुत्र-पुत्रियों को टिकट दिलाने की मांग पर अड़े रहे। जिसकी वजह से प्रत्याशियों के नाम तय नहीं हो सके। बैठक के बाद भाजपा राष्ट्रीय महासचिव अनिल जैन, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सूची लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। सूत्रों के मुताबिक 29 में से एक भी सीट पर प्रत्याशी के नाम तय नहीं हो पाए हैं। बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों के नाम की घोषणा 22 मार्च के बाद होगी। प्रत्याशियों के नाम का फैसला केंद्रीय चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्याशियों के नाम का पैनल बनाकर दिल्ली भेजे जाएंगे अंतिम निर्णय वहीं होगा। इसके अलावा भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे ने बताया कि, प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में सभी 29 सीटों पर दावेदारों के नामों को लेकर चर्चा हुई। इसी आधार पर एक सूची बनाई गई है। जिसे प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली लेकर जाएंगे। जहां केंद्रीय चुनाव समिति ये तय करेगी कि कौन-सा उम्मीदवार किस सीट से मैदान में उतरेगा, निर्णय जल्द हो जाएगा। लोकसभा चुनाव के प्रत्याशी के चयन को लेकर प्रदेश भाजपा कार्यालय में बैठक चलती रही, वहीं दूसरी तरफ कार्यालय के बाहर संभावित उम्मीदवारों के समर्थक वर्तमान सांसदों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। बैठक शुरू होने से पहले ही भाजपा कार्यालय के बाहर दावेदार अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए। इस बीच राजगढ़ सांसद रोडमल नागर के खिलाफ कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय पहुंचे और उन्होंने नागर को दोबारा टिकट दिए जाने का विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने सांसद के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। 29 सीटों पर रायशुमारी पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने की है। सीटवार फीडबैक और रिपोर्ट को चुनाव समिति के सदस्यों के समक्ष रखा गया। दिनभर चलने वाली इस बैठक में जो भी नाम सामने आये उस पर विचार करने के बाद उन्हें केंद्रीय चुनाव समिति को भेज दिया जाएगा। प्रदेश के करीब दस लोकसभा क्षेत्रों में पार्टी नए चेहरों को मौका दे सकती है। वहीं, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का नाम ग्वालियर की जगह एक बार फिर से मुरैना से भेजा जा सकता है। शिवपुरी से प्रभात झा को मैदान में उतारा जा सकता है। अंतिम फैसला दिल्ली में ही होगा। पैनल में मौजूदा सांसदों के नाम भी शामिल किए जाएंगे। किसे दोबारा टिकट देना है किसे नहीं, ये सर्वे के आधार पर केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में तय होगा। पार्टी सूत्रों की माने तो इस बार भोपाल, इंदौर और विदिशा सीट के लिए प्रत्याशियों की घोषणा में समय लग सकता है। इसकी वजह भी है। पार्टी इन सीटों पर 30 से 35 साल से लगातार जीतती आ रही है। कांग्रेस की मंशा इन तीन सीटों पर मजबूत उम्मीदवार उतारने की है। मुख्यमंत्री कमलनाथ इस बात के संकेत दे चुके हैं। कांग्रेस की इस रणनीति को देख भाजपा इन तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार ऐन वक्त पर घोषित कर सकती है।