मौसम का असर, सेब की अच्छी पैदावार होने के आसार

नई दिल्ली। इस साल मौसम सेब की पैदावार के अनुकूल चल रहा है। इससे इस बार सेब की पैदावार बढ़ सकती है। सेब की फसल के मौजूदा सीजन में बर्फ अच्छी पडऩे के साथ-साथ बारिश भी समय पर और अच्छी हुई। सेब की बढिय़ा पैदावार के लिए बर्फ पडऩा बहुत जरूरी होता है। ऐसे में मौसम अनुकूल रहने से खासकर हिमाचल में कई सालों बाद सेब की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद बंधी है। सबसे बड़े सेब उत्पादक राज्य जम्मू कश्मीर में भी मौसम सेब की फसल के अनुकूल रहा है और इस साल पिछले साल से ज्यादा सेब उत्पादन होने की संभावना है।
बढ़ सकती है सेब की पैदावार
अखिल भारतीय सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष और हिमाचल के सेब उत्पादक रविंद्र चौहान ने कहा कि दिसंबर-फरवरी में सेब की बेहतर पैदावार के लिए बड़े पैमाने पर बर्फ पडऩा जरूरी होती है। इसके साथ ही इन दिनों बारिश की भी जरूरत रहती है। इस साल दिसंबर से अब तक खूब बर्फ पड़ी है और इन दिनों बारिश भी हो रही है। जिससे सेब उत्पादन क्षेत्रों में नमी है जो सेब की अच्छी पैदावार के लिए आवश्यक होती है। अब तक मौसम सेब की बेहतर पैदावार के लिए अनुकूल है। अगर आगे भी मौसम अनुकूल रहा तो इस साल सेब की पैदावार बढ़ सकती है।
पिछले साल सेब की पैदावार
चौहान ने बताया कि बीते दो-तीन साल से दूसरे बड़े सेब उत्पादक राज्य हिमाचल में प्रतिकूल मौसम के कारण सेब की पैदावार सामान्य से काफी कम हो रही थी लेकिन इस बार अनुकूल मौसम की वजह से पैदावार काफी बढऩे की उम्मीद है। पिछले साल हिमाचल में सेब की पैदावार 1.4 करोड़ से 1.60 करोड़ पेटी (20-22 किलो) हुई थी। इस साल अब तक के मौसम को देखते हुए पैदावार 2.50 से तीन करोड़ पेटी होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर में भी सेब की पैदावार बढऩे का अनुमान है और राज्य में इस साल 15-16 करोड़ पेटी सेब पैदा हो सकता है। संघ के महासचिव व कश्मीर के सेब उत्पादक अब्दुल अहद रथर कहते हैं कि कश्मीर के सेब उत्पादक इलाकों में भी इस साल अच्छी बर्फबारी हुई है। जिससे इस साल सेब की पैदावार बीते साल से ज्यादा होने की उम्मीद है। पिछले साल हिमाचल में बर्फ व बारिश की कमी के कारण सूखे जैसी स्थिति से सेब काफी कम पैदा हुआ था। कश्मीर में भी प्रतिकूल मौसम से सेब का उत्पादन कम हुआ था। इस साल अनुकूल मौसम से दोनों प्रमुख सेब उत्पादक राज्यों में पैदावार बढऩे की संभावना है।