एलएनसीटी ग्रुप के सचिव चौकसे सहित 6 लोगों पर महिला ने लगाए शारीरिक, आर्थिक एवं मानसिक प्रताडऩा के आरोप

हृदेश धारवार
भोपाल, 23 मार्च।
मध्यप्रदेश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान एलएनसीटी ग्रुप के 6 पदाधिकारियों पर एक महिला पदाधिकारी ने शारीरिक, आर्थिक एवं मानसिक प्रताडऩा का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि संस्थान के 6 लोगों ने मेरा शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं भावनात्मक शोषण किया है।
महिला ने बताया कि 26 नवंबर 2018 को एलएनसीटी ग्रुप ऑफ कॉलेज में एसोसिएट डायरेक्टर ऑफ ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट के पद पर ज्वाइन किया था और मैंने 5 फरवरी, 2019 को रिजाइन कर दिया। रिजाइन के बाद उन्होंने मेरे ड्यूज क्लियर नहीं किए, मुझे 69 दिन तक सैलरी नहीं मिली। जब मैंने इनसे कंज्यूमर फोरम में जाने की बात कही तो उन्होंने मुझे 6 फरवरी को सैलरी दी। मेरा अभी 14 हजार 183 रूपए बकाया है। महिला ने कहा कि संस्थान के द्वारा मुझे न तो ज्वाइनिंग लेटर दिया गया, न ही एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट दिया जा रहा है और न ही मुझे रिलीविंग लेटर दिया गया है, जिसकी वजह से मैं दूसरी जगह ज्वाइन नहीं पा रही हूं। उन्होंने कहा कि मेरे पास जॉब्स की कमी नहीं है। मैंने यूएसए में अपने 9 साल गुजारे हैं, 10 साल से भोपाल में हूं। एक साल इंदौर में काम किया है। महिला ने राष्ट्रीय हिन्दी मेल को बताया कि एलएनसीटी ग्रुप के सचिव अनुपम चौकसे, डीन अशोक राय, डायरेक्टर ट्रेनिंग अनुज गर्ग, डॉ. ए.के. सिंघई, डॉ. वाजपेयी, सुनील सिंह ने उन्हें प्रताडि़त किया है। महिला ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत भोपाल आईजी जयदीप प्रसाद से भी की है। वहीं एलएनसीटी ग्रुप के सचिव अनुपम चौकसे ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

इनका कहना है
महिला ने जो भी आरोप लगाए हैं, वे सभी बेबुनियाद हैं। महिला मुंबई दौरे पर अपने पति से मिलने गई थी, उनका 12-13 हजार रूपए बाकी है, जब हम सवा लाख रूपए दे सकते हैं तो 12-13 हजार रूपए भी दे सकते हैं। महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए वे इस तरह के आरोप लगा रही हैं, जोकि पूरी तरह हास्यास्पद हैं।
अनुपम चौकसे, सचिव एलएनसीटी ग्रुप

महिला की तरफ से 4 पेज का शिकायती आवेदन मिला है। जिसकी हम जांच करवा रहे हैं। जांच में मामला यदि सही पाया जाता है तो हम कानूनी कार्रवाई करेंगे।
जयदीप प्रसाद, आईजी भोपाल