भारत विश्व की चौथी महाशक्तिबना: मोदी

एंटी सैटेलाइट को मात्र 3 मिनट में लो अर्थ ऑर्बिट के 300 किलोमीटर के अंदर मार गिराया
नई दिल्ली, 27 मार्च।
अंतरिक्ष की तकनीक में आज भारत दुनिया की चौथी महाशक्ति बनकर उभरा है। राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत दुनिया का चौथा देश बन गया है, जिसने अंतरिक्ष में घूम रहे एंटी सैटेलाइट को मार गिराया है। इस एंटी सैटेलाइट को लो अर्थ ऑर्बिट के 300 किलोमीटर के अंदर मारा गया है। इस पूरी प्रक्रिया में इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन को महज तीन मिनट लगे। इसरो ने इस एंटी सैटेलाइट को मारने के लिए मिशन शक्ति चलाया था, जो पूरी तरह कामयाब रहा।
एंटी सैटेलाइट यानी ्र-स््रञ्ज क्या है ?
एंटी-सैटेलाइट यानी ्र-स््रञ्ज को स्पेस वेपन के तौर पर भी जाना जाता है जिसका इस्तेमाल सैटेलाइट को तबाह करने के लिए किया जाता है। दुनिया के कुछ देश इस तरह के एंटी सैटेलाइट को अंतरिक्ष में छोड़ते हैं जिसका इस्तेमाल सैटेलाइट को तबाह करने के लिए किया जाता है। हालांकि, अभी तक किसी भी तरह के ्र-स््रञ्ज सिस्टम का इस्तेमाल यूद्ध के दौरान नहीं किया गया है। भारत से पहले ्र-स््रञ्जको मार गिराने की क्षमता केवल अमेरिका, चीन और रूस के पास थी। आज भारत ने मिशन शक्ति के तहत ्र-स््रञ्ज को लो अर्थ ऑर्बिट में गिराकर यह उपलब्धि हासिल की है। इस एंटी सैटेलाइट सिस्टम के जनक के तौर पर अमेरिका और रूस को जाना जाता है।
अमेरिका ने सन् 1950 में जबकि रूस ने 1956 में एंटी सैटेलाइट सिस्टम विकसित किया है। साल 2007 में चीन ने अपने ही एक सैटेलाइट को लो अर्थ ऑर्बिट में मारकर इस तकनीक के क्षेत्र में कदम रखने वाला तीसरा देश बन गया। भारत 2010 में इस तरह के एंटी सैटेलाइट मिसाइल को लो ऑर्बिट में मारने की तकनीक पर काम कर रहा था।

राहुल ने मोदी पर कसा तंज, वल्र्ड थिएटर डे पर दी बधाई
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मिशन शक्ति की सफलता पर डीआरडीओ की तारीफ की। हालांकि, उन्होंने मोदी पर तंज कसा। राहुल ने ट्वीट किया, वेल डन डीआरडीओ, आपकी इस उपलब्धि पर हमें बहुत गर्व है। मैं प्रधानमंत्री को वल्र्ड थिएटर डे की बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं। कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा, जिस एएसएटी मिशन का आज सफलतापूर्वक परीक्षण हुआ है वह यूपीए सरकार में शुरू हुआ था। मैं अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और डॉ मनमोहन सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व को बधाई देता हूं।
चुनाव आयोग से करेंगे शिकायत: ममता
प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, यह राजनीतिक ऐलान था, वैज्ञानिकों को यह घोषणा करनी थी। यह उनका क्रेडिट है। केवल एक सैटेलाइट नष्ट किया गया, इसकी जरूरत नहीं थी। ये काफी समय से वहां था। यह वैज्ञानिकों का विशेषाधिकार था कि इसे कब करना है। मोदी के लिए क्या जरूरत थी कि वे चुनाव के समय आचार संहिता का उल्लंघन करके क्रेडिट लें। क्या उन्होंने मिशन में काम किया? क्या वे अंतरिक्ष गए थे? हम इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करेंगे।
असल मुद्दों से ध्यान भटका रहे मोदी: अखिलेश
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, आज मोदी अपने आप को एक घंटे टीवी पर दिखकर आकाश की ओर इशारा करके राष्ट्र के जमीनी मुद्दों बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और ग्रामीण हालत से जनता का ध्यान भटका रहे हैं।
जेटली ने कहा- झूठी पीठ थपथपा रहे हैं कांग्रेसी
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, आज हमारे देश के लिए ऐतिहासिक दिन है। हमारे वैज्ञानिकों के लिए विशेष रूप से जिन्होंने आज वो क्षमता हासिल की, जो सिर्फ 3 देशों के पास है। ये क्षमता एंटी मिसाइल की, जो ऑर्बिट में किसी भी सैटेलाइट को टारगेट करने की क्षमता रखते हैं। इसके लिए सभी वैज्ञानिक और शोध की संस्थाएं अभिनंदन के पात्र हैं। ये बहुत समय से हमारे वैज्ञानिकों की इच्छा रही थी, उनका कहना था कि उनके पास ऐसी क्षमताएं हैं, लेकिन भारत सरकार हमें अनुमति नहीं देती थी। इसलिए हम इस ताकत को बनाने में असमर्थ हैं। जेटली ने कहा, कुछ कांग्रेसी मित्र जो अपनी पीठ थपथपा रहे हैं।
देश का अंतरिक्ष महाशक्ति बनना गौरव की बात: राकेश सिंह
देश का अंतरिक्ष महाशक्ति बनना हर देशवासी के लिए गौरव की बात है। हमारे वैज्ञानिकों ने यह साबित कर दिया है कि अब दुनिया में एक नए शक्तिशाली भारत का उदय हो रहा है। यह बात बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह ने भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा अंतरिक्ष में स्थापित उपग्रह को मिसाइल द्वारा मार गिराने के मिशन की कामयाबी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।
मोदी में मिशन को मंजूरी देने की हिम्मत थी: सारस्वत
डीआरडीओ के पूर्व चीफ वीके सारस्वत ने मिशन शक्ति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। उन्होंने बताया, डॉ सतीश रेड्डी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने जब यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री मोदी के सामने रखा था, उनके अंदर हिम्मत थी, इसलिए उन्होंने इसे मंजूरी दी। हमें यूपीए सरकार से सकारात्मक जवाब नहीं मिला।
इसरो के पूर्व चेयरमैन ने भी मोदी की तारीफ की
इसरो के पूर्व चेयरमैन जी माधवन नायर ने कहा, एंटी सैटेलाइट मिसाइल की क्षमता एक दशक पहले से ही थी, लेकिन इसे पूरा करने की राजनीतिक इच्छा शक्ति नहीं थी। चीन ने 2007 में इस तरह की मिसाइल का परीक्षण किया था। उस समय ऐसी ही तकनीकि भारत के पास भी थी। मोदी की राजनीतिक इच्छा शक्ति और साहस था कि वे कह सकें कि हम इसे पूरा करेंगे।