पार्टियों को जीत चाहिए या जाति : गोपाल भार्गव

नेता प्रतिपक्ष के ट्वीट से प्रदेश में गरमाई राजनीति
भोपाल, 29 मार्च।
मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने जाति की राजनीति को लेकर सोशल मीडिया पर दर्द साझा किया है। दरअसल, भार्गव ने ट्वीटर पर लिखा है कि देश के राजनैतिक दलों को इस चुनाव में बहुत ही गंभीरतापूर्वक विचार करके यह तय करना चाहिए कि उन्हें जीत चाहिए या जाति। इस ट्वीट को टिकट वितरण से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने दो ट्वीट किए हैं जिसमे उन्होंने लिखा कि देश की आजादी के बाद जो बुराई खत्म हो जानी चाहिए थी, वह बुराई आज अपने अपने निजी स्वार्थों के कारण और अधिक परवान चढ़ रही है। देश एक दिन इसको समझेगा, भले ही मेरे न रहने के बाद। देश के राजनैतिक दलों को इस चुनाव में बहुत ही गंभीरतापूर्वक विचार करके यह तय करना चाहिए कि उन्हें जीत चाहिए या जाति। भारत की राजनीति में कोढ़ की तरह पनप रहे जातिवाद को समय रहते खत्म नहीं किया गया तो आने वाले वक्त में देश जातियों के कबीलों में बंट जाएगा। भार्गव ने राजनीति में बढ़ते जातिवाद पर चिंता जताते हुए पोस्ट किया है, जिसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। टिकट वितरण के समय आखिर उन्होंने किस पर निशाना साधा है। भार्गव के इस ट्वीट को राजनीतिक तौर पर उनके बेटे अभिषेक भार्गव के टिकट से जोड़कर देखा जा रहा है। भार्गव के पुत्र अभिषेक दमोह संसदीय क्षेत्र से भाजपा की ओर से बड़े दावेदार थे, मगर बाद में उन्हें अपनी दावेदारी वापस लेना पड़ी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि दमोह संसदीय क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग के मतदाता अधिक हैं, इसलिए भाजपा ने वर्तमान सांसद प्रह्लाद पटेल को एक बार फिर उम्मीदवार बनाया है। भार्गव के ट्वीट से सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

गोपाल भार्गव का कांग्रेस में स्वागत: गोविन्द सिंह
जातिवादी राजनीति के बढ़ते दौर को लेकर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के बयान के बाद सहकारिता और संसदीय कार्यमंत्री डॉ. गोविन्द सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि भार्गव जी को भाजपा में घुटन महसूस हो रहा है, तो उनका कांग्रेस में स्वागत है। वैसे गोपाल भार्गव खुद घोर जातिवादी नेता हैं, इसीलिए वो अभी भी अपने नाम के आगे पंडित लगाते हैं। वैसे भार्गव समानता की लड़ाई लड़ते हुए लोहियावाद के रस्ते पर चले हैं फिर कैसे भाजपा में शामिल हो गए यह तो वही बताएंगे। गोविन्द सिंह ने कहा कि इसके बाद भी गोपाल भार्गव नए दौर में भाजपा में अनफिट महसूस कर रहे तो कांग्रेस में आ जाएं, जो समानता की सबसे बड़ी पक्षधर है।