सबने कहा-नरेन्द्र तोमर को दिग्विजय सिंह के खिलाफ लड़ाएं

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास
मुध्यप्रदेश की दो सबसे हाईप्रोफाइल सीट भोपाल और इंदौर में भाजपा का उम्मीदवार कौन होगा, इसका सस्पेंस जल्द ही खत्म हो सकता है। भाजपा सूत्रों के हवाले से खबर है कि पार्टी ने प्रदेश स्तर पर अपने उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पार्टी दिग्विजय सिंह के सामने उतारना चाहती है, लेकिन अब मुरैना से उम्मीदवार बनाए गए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के नाम की अटकलें तेज हो गई हैं। गौरतलब है कि लंबे समय से भोपाल सीट पर तोमर के नाम की चर्चा थी। लेकिन पार्टी ने उन्हें ग्वालियर के बजाय इस बार अनूप मिश्रा का टिकट काट कर मुरैना से प्रत्याशी बनाया है। वहीं, भोपाल से वीडी शर्मा और शिवराज सिंह चौहान का नाम भी मीडिया रिपोर्ट में आया था। वीडी शर्मा को संगठन महामंत्री रामलाल ने इशारा कर दिया है कि वे मुरैना की ओर ध्यान दें, इसके बाद ही नरेंद्र तोमर का नाम आगे बढ़ा है। एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में तोमर के नाम की हवा चल रही है। हालांकि, बीजेपी नेताओं का कहना है कि पार्टी पांच अप्रैल तक उम्मीदवार का ऐलान कर देगी। इधर, भोपाल के वर्तमान सांसद आलोक संजर ने इस प्रतिनिधि से कहा है कि दिग्विजय सिंह के खिलाफ तो कार्यकर्ता चुनाव लड़ेंगे, प्रत्याशी तो प्रतीक मात्र होंगे। ऐसे में यदि पार्टी नरेंद्र सिंह तोमर को भोपाल सीट से उतारती है तो राजधानी को एक सांसद के अलावा एक केंद्रीय पावरफुल नेता मिल जाएगा, जिसकी वजह से भोपाल का विकास तेज गति से होगा। इसलिए यदि पार्टी मुझसे मेरा मंतव्य जानना चाहेगी तो मैं तोमर जी का ही नाम आगे बढ़ाऊंगा। कमोबेश यही स्थिति हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा की भी है। उन्होंने इस प्रतिनिधि से कहा कि दिग्विजय सिंह जैसे ओसाबा बिन लादेन को ओसामी जी पुकारने वाले, अवसरवादी नेता को भोपाल की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी, जो मौका लगते ही अपने आपको को हिन्दू होने का सर्टिफिकेट देने लगते हैं। ये वो नेता हैं, जो दोनों धर्मों के लोगों में भ्रम फैलाना चाहते हैं। इनको पराजित करने के लिए नरेंद्र सिंह तोमर को यदि पार्टी उम्मीदवार बनाती है तो दिग्विजय की तोडफ़ोड़ की राजनीति पर विराम लगेगा। वहीं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने राष्ट्रीय हिंदी मेल से बातचीत में कहा कि मैंने तो पहले ही मित्र दिग्विजय सिंह को आगाह कर दिया था कि भोपाल मत आना, यहां से पटौदी से लेकर पचौरी तक हार चुके हैं। लेकिन, लगता है कमलनाथ और सिंधिया ने दिग्विजय की राजनीति समाप्त कराने के लिए भोपाल में उन्हें घेर लिया। वैसे तो कोई भी दिग्विजय को पराजित कर सकता है, लेकिन नरेंद्र सिंह तोमर ऐसे नेता हैं, जिनको संगठन के गुर भरपूर पता हैं। वे दिग्विजय सिंह को करारी मात देंगे। हाईकमान को चाहिए कि नरेंद्र सिंह तोमर को चुनाव लड़ाकर भाजपा कार्यकर्ताओं में आशा का संचार करे। इधर, भोपाल के महापौर आलोक शर्मा ने इस प्रतिनिधि से कहा कि यदि तोमर जी को चुनाव लड़ाया जा रहा है तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता, अन्यथा दिग्विजय सिंह को तो अपने कार्यकर्ताओं के विश्वास पर मैं ही पराजित कर सकता हूं। वैसे भी भाजपा शासनकाल में ही भोपाल का विकास हुआ है, राजा ने तो प्रदेश का बेड़ा गर्क कर दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपेक्षानुरूप मैंने भोपाल को सबसे साफ और सुन्दर राजधानी बनाने के क्रम में चप्पे-चप्पे घूमकर भाजपा की भावना को लोगों तक पहुंचाया है। इधर, पार्टी सूत्रों का मानना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भोपाल से नरेंद्र सिंह तोमर और विदिशा से शिवराज सिंह चौहान को चुनाव लड़ाने की तैयारी कर चुके हैं। इधर, अटकलों के बीच केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का बयान भी सामने आया है। उन्होंने इन अटकलों पर विराम लगाते हुआ कहा कि इसका फैसला केंद्रीय चुनाव समिति लेती है। पार्टी जहां से कहेगी, वहां से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि भोपाल सीट को लेकर अटकलों पर टिप्पणी की जरूरत नही है। ऐसा थोड़े ही होता है, कल्पना लोक में स्वर्ग में जाओगे या नहीं, इस पर बोला जाएÓ। उधर शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल से लडऩे के मामले में न तो इंकार किया है और न ही इकरार। इस विशेष रिपोर्ट का लब्बे लुआब ये है कि नरेंद्र सिंह तोमर दिग्विजय सिंह के मुकाबले के लिए तैयार हैं।

विशेष रिपोर्ट के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।