…और खिसकने लगे अटलजी के विचार


जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी की नींव रखने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विचार अब पार्टी से खिसकने लगे हैं। उनके विचारों से ओत-प्रोत उनके उनके परिवार की एक महत्वपूर्ण कड़ी जिनका प्रदेश की राजनीति में एक नाम है। इन दिनों वे भी पार्टी में विधानसभा हारने के बाद घुटन महसूस कर रहे हैं। स्थिति यह है कि वे अपनी राजनीति धरोहर को बचाने के लिए राजा-महाराजा के शरण में जाने के लिए आतुर हैं। बता दें कि ग्वालियर-चंबल की राजनीति में अटल जी के मुखौटे के नाम से आज भी उनका नाम है लेकिन बेचारे करें क्या, उन्होंने तो कांग्रेस से गुप्त समझौता करने में बाजी मार ली है। और कहते हैं कि भिंड में उनकी पंसद को टिकट देदो, और ग्वालियर से मुझे लड़ा दो। उल्लेखनीय है कि यह वाक्या पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा को लेकर नहीं लिखा गया है। …खबरची