इनकम टैक्स के छापों पर बिफरे कमलनाथ

सर्च के दौरान सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस में नोंक-झोंक
भोपाल, 7 अप्रैल।
मुख्यमंत्री कमलनाथ के दो सहयोगियों पर आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा है, आयकर छापों की सारी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है। सारी स्थिति स्पष्ट होने पर ही इस पर कुछ कहना उचित होगा। लेकिन पूरा देश जानता है कि संवैधानिक संस्थाओं का किस तरह व किन लोगों के खिलाफ एवं कैसे इस्तेमाल ये लोग पिछले 5 वर्षों में करते आए हैं। इनका उपयोग कर डराने का काम करते हैं। जब इनके पास विकास पर, अपने काम पर कुछ कहने को, बोलने को नहीं बचता है तो ये विरोधियों के खिलाफ इस तरह के हथकंडे अपनाते हैं। जब आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपनी हार सामने नजर आने लगी है तो इस तरह की कार्रवाई जानबूझकर चुनाव में लाभ लेने के लिए की जाने लगी है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी इन्होंने इसी तरह के सभी हथकंडे अपनाये थे। कई राजनैतिक दल व कई राज्य पिछले 5 वर्ष में इनके द्वारा अपनाये गये हथकंडों के गवाह हैं। हम भी इसके लिए तैयार थे। हर चीज की निष्पक्ष जांच हो। इस तरह के हथकंडों से हमें कोई फर्क नहीं पड़ता है। इन घटनाओं से विकास के पथ पर हमारे कदम रुकेंगे नहीं, डिगेंगे नहीं, हम डरेंगे नहीं, अपितु और तेजी से विकास के पथ पर हम अग्रसर होंगे। प्रदेश की जनता सब सच्चाई जानती है। आगामी लोकसभा चुनाव में प्रदेश की जनता इन हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देगी।

पुलिस पर सीआरपीएफ ने बाधा डालने का आरोप लगाया
प्लेटिनम प्लाजा स्थित एक घर के भीतर इनकम टैक्स की छापेमारी चल रही थी और बाहर एमपी पुलिस और सीआरपीएफ के बीच गंभीर टकराव की नौबत आ गई। सीआरपीएफ ने जहां एमपी पुलिस पर गाली देने और काम में बाधा डालने का आरोप लगाया है, वहीं एमपी पुलिस ने केंद्रीय बल पर आम लोगों को परेशान करने का आरोप लगाया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़ के करीबी कारोबारी अश्विन शर्मा के घर पर रविवार शाम को आयकर विभाग की रेड के दौरान बिल्डिंग के बाहर सीआरपीएफ के जवानों और मध्य प्रदेश पुलिस में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सीआरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि सूबे की पुलिस उनके काम में रुकावट डाल रही है। भोपाल के प्लेटिनम प्लाजा में स्थित अश्विन के घर पर सीआरपीएफ के साथ आयकर विभाग की टीम छापेमारी करने पहुंची थी। इस दौरान वहां मध्य प्रदेश पुलिस के अधिकारी भी पहुंच गए और बिल्डिंग के अंदर जाने की कोशिश करने लगे, लेकिन सीआरपीएफ अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि उन्हें आयकर विभाग की रेड से कोई लेना-देना नहीं है। भोपाल के एसपी सिटी भूपिंदर सिंह ने कहा, हमें आयकर विभाग की रेड से कोई लेना-देना नहीं है, यह एक आवासीय बिल्डिंग है, अंदर कुछ लोग बीमार हैं और उन्होंने ही स्थानीय एसएचओ को फोन करके मदद के लिए यहां बुलाया है। रेड से पहले सीआरपीएफ ने पूरी बिल्डिंग को बंद कर दिया था। सीआरपीएफ के अधिकारी प्रदीप कुमार ने कहा, मध्यप्रदेश पुलिस हमें अपना काम नहीं करने दे रही है। पुलिस के अधिकारी हमें गालियां दे रहे हैं। हम सिर्फ अपने सीनियर अधिकारियों के आदेश का पालन कर रहे हैं। कार्रवाई जारी है, इसलिए हम किसी को भी अंदर नहीं जाने दे रहे हैं। हम सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रहे हैं।

सत्ता के करीबियों पर आईटी रेड से मचा हड़कंप
इंदौर/भोपाल, 7 अप्रैल। आयकर विभाग की एक बड़ी कार्रवाई में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी प्रवीण कक्कड़ के घर पर छापेमारी की गई। कक्कड़ के खिलाफ कई मामलों की जांच की जा रही थी। बता दें कि आयकर विभाग ने बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश, गोवा और दिल्ली में करीब 50 जगहों पर छापेमारी की है, जिसमें 300 अधिकारी जुटे हैं। इन्हीं में से एक कक्कड़ भी हैं, जिनके इंदौर और भोपाल स्थित घर और दफ्तर में भी छापा मारा गया है। इसके अलावा दिल्ली में कमलनाथ के एक करीबी के घर भी छापा मारा गया है। कक्कड़ के इंदौर के विजयनगर स्थित घर में रविवार तड़के छापेमारी की गई। नई दिल्ली से आयकर विभाग की टीम सुबह 3 बजे उनके घर पहुंच गई। टीम के साथ सीआरपीएफ की फोर्स भी मौजूद थी। तड़के 3 बजे से ही उनके घर पर छापेमारी शुरू कर दी गई और जिन चीजों को लेकर टीम को शक है, उनकी तलाश की जा रही है। कक्कड़ के इंदौर स्थित घर के अलावा उनके भोपाल के घर और दफ्तर में भी छापे मारे गए हैं। कक्कड़ का परिवार हॉस्पिटैलिटी समेत विभिन्न क्षेत्रों के कारोबार से जुड़ा है।